पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया गया। घोषणापत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक पहल की वकालत करने और व्यापार और सामाजिक आदान-प्रदान के लिए नियंत्रण रेखा (LOC) के पार संपर्क कायम करने का भी वादा किया गया। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ यहां पार्टी मुख्यालय में एक समारोह के दौरान घोषणापत्र जारी किया।
‘पीपुल्स एस्पिरेशंस’ टाइटल वाले घोषणापत्र में लोक सुरक्षा अधिनियम (PSA), गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) और शत्रु अधिनियम को हटाने के लिए कोशिश करने के साथ-साथ सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (AFSPA) को हटाने की प्रतिबद्धता की भी बात की गई है।
सरकारी नौकरी की बर्खास्तगी के समाधान का वादा
इसमें ‘अन्यायपूर्ण’ नौकरी खत्म करने के मामलों पर फिर से विचार करने और उनका समाधान करने का भी वादा किया गया है।
‘अन्यायपूर्ण’ नौकरी बर्खास्तगी का मतलब आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों पर जम्मू-कश्मीर के सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करने से है।
इसी के साथ महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस-NC गठबंधन अगर उनकी पार्टी के एजेंडे को स्वीकार करने के लिए तैयार है, तो वह पूर्ण समर्थन देते हुए विधानसभा चुनाव में सभी सीट गठबंधन के लिए छोड़ देंगी।
BJP से गठबंधन पर क्या बोलीं महबूबा?
महबूबा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन की संभावना से भी इनकार किया, जिसके साथ PDP ने पहले गठबंधन सरकार चलायी थी।
महबूबा ने कहा, "गठबंधन और सीट बंटवारे की बात भूल जाइए, अगर कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) हमारा एजेंडा (कश्मीर मुद्दे का समाधान और मार्गों को खोलने के संबंध में कदम उठाना) स्वीकार करने के लिए तैयार हैं, तो हम उनसे कहेंगे कि वे सभी सीट पर चुनाव लड़ें और हम आपका पूर्ण समर्थन करेंगे।"
जब महबूबा से पूछा गया कि क्या कांग्रेस ने पीडीपी के साथ गठबंधन के लिए संपर्क किया है, तो उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए कश्मीर समस्या का समाधान किसी भी अन्य चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण है।"