सन 1963 की चर्चित कामराज योजना के तहत केंद्रीय मंत्री मोरारजी देसाई से तत्कालीन प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि ‘‘आपको इस्तीफा दे देना चाहिए।’’उस पर बिना कोई देर किए देसाई ने कहा कि ‘‘मुझे इस्तीफा देकर खुशी होगी। किंतु आप चंदभानु गुप्त से इस्तीफा न लें। क्योंकि इससे लोगों को लगेगा कि चूंकि आप उन्हें नापसंद करते हैं,इसलिए उन्हें हटना पड़ा।’’ प्रधान मंत्री नेहरू ने मोरारजी देसाई की सलाह नहीं मानी और उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्त को भी अंततः पद छोड़ना ही पड़ा।
