Karnataka Election Result: JDS को बार फिर 'किंग मेकर' बनने की उम्मीद, BJP, कांग्रेस किसी भी से भी हाथ मिलाने को तैयार, बस मननी होंगी कुछ शर्तें
एग्जिट पोल ने त्रिशंकु विधानसभा का संकेत दिया है। कुछ ने कांग्रेस को बढ़त तो दी, लेकिन इतनी नहीं कि अगली सरकार के लिए वो अकेले स्वतंत्र दावा पेश कर सके। हालांकि, चौंकाने वाली बात ये है कि कुमारस्वामी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कुछ दिनों पहले सुझाव दिया था कि JD(S) इस बार कांग्रेस से हाथ नहीं मिलाएगी
MoneyControl News
अपडेटेड May 12, 2023 पर 5:11 PM
Karnataka Election Result: JDS को बार फिर 'किंग मेकर' बनने की उम्मीद
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे (Karnataka Election Result) आने में अब 24 घंटे से भी कम का समय बचा है। एग्जिट पोल में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला रहने या कांग्रेस (Congress) को बढ़ते मिलना का अनुमान लगया है। जबकि जनता दल सेक्युलर JD(S) को किंग मेकर बनकर उभरने की उम्मीद है। इन संभावनाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल सेक्युलर के नेता एचडी कुमारस्वामी (HD Kumaraswamy) ने शुक्रवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी चुनाव के बाद कांग्रेस या सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन के लिए तैयार है। क्योंकि शनिवार को होने वाली मतगणना से पहले हर तरह संभावित लाइफलाइन की पेशकश की जा रही है।
एग्जिट पोल ने त्रिशंकु विधानसभा का संकेत दिया है। कुछ ने कांग्रेस को बढ़त तो दी, लेकिन इतनी नहीं कि अगली सरकार के लिए वो अकेले स्वतंत्र दावा पेश कर सके। हालांकि, चौंकाने वाली बात ये है कि कुमारस्वामी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कुछ दिनों पहले सुझाव दिया था कि JD(S) इस बार कांग्रेस से हाथ नहीं मिलाएगी।
Deccan Herald के अनुसार, कुमारस्वामी अब दो राष्ट्रीय दलों में से जो भी उनकी शर्तों से सहमत हैं, उन्हें समर्थन देने के लिए तैयार हैं। उनकी सबसे प्रमुख शर्त ये है कि गठबंधन में मुख्यमंत्री वे ही बनेंगे।
कर्नाटक के दो बार के मुख्यमंत्री मतगणना से पहले एक ब्रेक के लिए सिंगापुर गए हुए हैं। अपनी यात्रा से पहले Deccan Herald से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे अभी भी विश्वास है कि JDS कम से कम 50 सीटें जीतेगी (और) मैं उस पार्टी के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार हूं, जो मेरी शर्तों से सहमत हो।"
एग्जिट पोल ने संभावना जताई है कि JDS 30 से कम सीटें जीतेगी, लेकिन कांग्रेस या बीजेपी बहुमत के लिए 113 के निशान को पार करना होगा, या फिर JDS के हिस्से में इतनी सीटें आए कि वो इनमें से किसी भी पार्टी के साथ मिलकर सरकार बना सके।
जेडीएस खुद को इस चुनाव में संभावित प्रमुख खिलाड़ी के रूप में देखती है, भले ही उसे सबसे कम सीटें मिलने का अनुमान जताया गया हो। ये बात मतदान के दिन खुद कुमारस्वामी के बयान से भी झलक रही थी। कुमारस्वामी ने वोट डालने के बाद कहा कि उनकी पार्टी 'किंग' होगी।
उन्होंने कहा, "लोगों से जेडीएस उम्मीदवारों को आशीर्वाद देने का अनुरोध कर रहा हूं... हमारी पार्टी 'किंग' बनने जा रही है।"
JDS किस तरफ झुकेगी?
JDS का दोनों पार्टियों को समर्थन देने का इतिहास रहा है। 2006 में BJP के साथ समझौता करने के बाद कुमारस्वामी पहली बार मुख्यमंत्री बने। हालांकि, कांग्रेस या बीजेपी के पहुंचने की बात को हर तरफ से खारिज किया गया है। BJP की शोभा करंदलाजे ने NDTV से कहा, "कोई सवाल ही नहीं है (गठबंधन का) और हम साफ बहुमत हासिल करने की उम्मीद करते हैं।"
कांग्रेस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उसने संपर्क किया या नहीं, लेकिन राज्य प्रमुख डीके शिवकुमार की कल की टिप्पणी से ऐसा नहीं लगता। उन्होंने कहा, "JDS के साथ गठबंधन की कोई संभावना नहीं है। हम अपने दम पर सरकार बनाएंगे।"
शिवकुमार ने अपनी पार्टी की योजना को अकेले ही आगे बढ़ाने पर जोर दिया, फिर चाहे वो कुछ भी हो। उन्होंने कहा कि आज सुबह पत्रकारों को बताया कि उन्होंने एग्जिट पोल के आंकड़ों में बहुत कम स्टॉक रखा है।
कांग्रेस नेता ने कहा, "एग्जिट पोल का अपना सिद्धांत है। हम उन सैंपल पर नहीं जाते हैं ... हमारे पास एक सहज बहुमत होगा। मुझे JDS के बारे में नहीं पता, उन्हें अपना फैसला लेने दें। मेरे पास कोई बैकअप प्लान नहीं है। मेरा एक ही प्लान है कि कांग्रेस पार्टी सत्ता में आएगी।"
इस बीच, कांग्रेस के एक और नेता, रणदीप सुरजेवाला ने जीत का दावा करते हुए कहा कि BJP ने हार 'स्वीकार' कर ली है। उन्होंने भी JDS के सौदे की बात को खारिज कर दिया।
Deccan Herald की रिपोर्ट कुमारस्वामी की 'शर्तों' से इस तरफ इशारा करती है कि सरकार बनाने में उनकी बड़ी भूमिका हो सकती है और उनके नेताओं को बेशकीमती विभाग भी मिलेंगे।