कर्नाटक चुनाव: नतीजों से पहले इन हाई प्रोफाइल सीट पर डालें एक नजर, जानें वरुणा से शिगगांव तक कैसा रहेगा मुकाबला
कर्नाटक चुनाव: राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की ज्यादा संभावना जताई जा रही है। इस बीच सभी की निगाहें राज्य के शीर्ष नेताओं पर टिकी हैं। BJP के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, कांग्रेस के दिग्गज सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार और JD(S) के एचडी कुमारस्वामी समेत कई दूसरे चेहरों की चुनावी किस्मत शनिवार को जानी जाएगी
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अपडेटेड May 12, 2023 पर 3:56 PM
कर्नाटक चुनाव: नतीजों से पहले इन हाई प्रोफाइल सीट पर डालें एक नजर (PHOTO- Moneycontrol Hindi)
Karnataka Assembly Election: कर्नाटक (Karnataka) में 10 मई को हुए विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के लिए वोटों की गिनती (Vote Counting) शनिवार को होगी। चुनाव में कट्टर प्रतिद्वंद्वी BJP और कांग्रेस (Congress) के अलावा JD(S) के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। ऐसे में सभी पार्टियां अपना भाग्य जानने के लिए सांस रोक कर नतीजों का इंतजार कर रही हैं। हालांकि, राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की ज्यादा संभावना जताई जा रही है।
इस बीच सभी की निगाहें राज्य के शीर्ष नेताओं पर टिकी हैं। BJP के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, कांग्रेस के दिग्गज सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार और JD(S) के एचडी कुमारस्वामी समेत कई दूसरे चेहरों की चुनावी किस्मत शनिवार को जानी जाएगी।
मतगणना राज्य भर के 36 केंद्रों में सुबह 8 बजे शुरू होगी और चुनाव अधिकारियों को उम्मीद है कि परिणाम के बारे में एक साफ तस्वीर दोपहर तक सामने आने की संभावना है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए राज्य भर में, खासतौर से मतगणना केंद्रों के अंदर और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
राज्य ने 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव करने के लिए 10 मई को मतदान में 73.19 प्रतिशत का "रिकॉर्ड" मतदान दर्ज किया।
ज्यादातर एग्जिट पोल में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़े मुकाबले का अनुमान जताया गया है। दोनों पार्टियों के नेता नतीजे को लेकर 'हताश' नजर आ रहे हैं, जबकि JD(S) त्रिशंकु जनादेश की उम्मीद करती दिख रही है, जो किंग मेकर बनने का ख्वाब देख रही है।
इसी बीच एक नजर डालते हैं, कुछ उन खास सीटों पर, जिन पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है:
वरुणा
कांग्रेस से सिद्धारमैया, BJP के वी. सोमन्ना और JD(S) के डॉ. भारती शंकर सीट के लिए तीन प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं। महज पांच महीने पहले ऐसा लग रहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता सिद्धारमैया अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र वरुणा को आसानी से जीत लेंगे।
Deccan Herald की रिपोर्ट के मुताबिक, लेकिन अब ऐसा नहीं है। जनता परिवार की दो शख्सियत के बीच मुकाबला कड़ा होगा, क्योंकि आवास मंत्री वी सोमन्ना मैदान में उतरे और उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में कई यात्राएं की हैं।
कनकपुरा
CNBC-TV18 के अनुसार, कनकपुरा में BJP राजनेता और वर्तमान राजस्व मंत्री आर. अशोक और KPCC प्रमुख डी.के. शिवकुमार के बीच कड़ टक्कर होगी। अशोक बीजेपी के एक प्रमुख नेता हैं, जिन्होंने पहले भी कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री का पद संभाला है।
दूसरी ओर, ये सीट वोक्कालिगा के मजबूत नेता शिवकुमार कनकपुरा का गढ़ है, जिन्होंने 2008 से इस सीट पर कब्जा किया है और सालों में अपना वोट शेयर बढ़ाया है। इस बार आर. अशोक को एक बाहरी व्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है, और उन्हें एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। नागराज को JD(S) ने मैदान में उतारा है।
शिगगांव
शिगगांव में सीएम बसवराज बोम्मई और कांग्रेस उम्मीदवार यासिर अहमद खान पठान के बीच कड़ी टक्कर होगी। Deccan Herald की एक रिपोर्ट के अनुसार, शिगगांव में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के पक्ष में चुनावी संभावनाएं खड़ी हैं, जहां वे चौथी बार फिर से चुनाव लड़ रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक बोम्मई की संभावना आशाजनक नहीं लग रही थी। हालांकि, लिंगायतों के लिए एक अलग रिजर्वेशन कैटेगरी बनाने और बोर्डों और निगमों में पदों के साथ पंचमसाली नेताओं को खुश करने के BJP के फैसले ने पार्टी की संभावनाओं का समर्थन किया। इसके अलावा, ये दावा किया जाता है कि एक उम्मीदवार का चयन करने में कांग्रेस के अनिर्णय ने बोम्मई के पक्ष में हवा को घुमा दिया है।
चन्नापटना
पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का मुकाबला BJP के पूर्व मंत्री सीपी योगेश्वर से होगा, जो पहले इस सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। इस सीट पर कांग्रेस ने गंगाधर एस. को उम्मीदवार बनाया है, जिससे त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। इस निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम कड़ा होने की संभावना है और खासतौर से JD(S) के लिए चुनाव परिणामों पर इसका काफी प्रभाव पड़ सकता है।
हुबली-धारवाड़ सेंट्रल
हुबली-धारवाड़ केंद्रीय विधानसभा क्षेत्र ने वर्तमान विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार के BJP से इस्तीफा देने के बाद देश का ध्यान आकर्षित किया है, जिसके साथ उनके पारिवारिक संबंध हैं। BJP से टिकट न मिलने के बाद वह छठी बार कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
उनका मुकाबला बीजेपी के महेश तेंगिनाकाई और JD(S) के सिद्दालिंगेशगौड़ा ओडेयार से होगा। पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार का लिंगायत समूह में बड़ा सपोर्टिंग बेस है, जो इस सीट पर प्रभावी बताया जाता है। शेट्टार 1994 में इस सीट से पहली बार विधानमंडल के लिए चुने गए थे, और उन्होंने छह कार्यकाल पूरे किए हैं।
उडुपी
संवेदनशील उडुपी निर्वाचन क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है। यशपाल सुवर्णा, हिंदुत्व एक मजबूत पैरोकार हैं। हिजाब बैन मामले की बहस के दौरान वे काफी चर्चाओं में रहे। उन्हें BJP ने टिकट दिया है।
सुवर्णा का मुकाबला कांग्रेस के प्रसादराज कंचन और JD(S) के दक्ष आर शेट्टी से होगा। उडुपी में प्रचार अभियान करीब रहने की उम्मीद है, हर एक उम्मीदवार जीत के लिए दौड़ रहा है।
अथानी
New Indian Express की एक रिपोर्ट के अनुसार, अथानी में, दो पुराने प्रतिद्वंद्वियों के बीच एक रोमांचक लड़ाई चल रही है। BJP विधायक महेश कुमथल्ली और पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी, जो हाल ही में BJP से अलग होने के बाद कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
गोकाक से बीजेपी विधायक रमेश जरकिहोली कुमथल्ली के लिए प्रचार कर रहे हैं, जबकि सावदी, जो बीजेपी उम्मीदवार के रूप में तीन बार सीट जीत चुके हैं, इस पर फिर से कब्जा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
टिकट न मिलने के बाद सावदी के BJP से कांग्रेस में जाने से भगवा पार्टी में खलबली मच गई है। कुमथल्ली की जीत सुनिश्चित करने के लिए जारकीहोली महीनों से यहां डेरा डाले हुए हैं।
हासन
2019 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में, हासन निर्वाचन क्षेत्र से BJP, कांग्रेस और JD(S) के बीच चुनावी मुकाबला देखने की उम्मीद है। प्रीतम गौड़ा को बीजेपी ने जबकि बनवासी रंगास्वामी को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। स्वरूप प्रकाश JD(S) के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।