कश्मीर के अलगाववादी नेता (Kashmiri separatist leader) यासीन मलिक (Yasin Malik) तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल (Hunger Strike) पर हैं। इसके बाद अब जेल प्रशासन ने उन्हें इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड या ग्लूकोज देना शुरू किया है। मलिक ने 22 जुलाई से जेल में खाना खाना बंद कर दिया है और आरोप लगाया है कि उनके मामले की ठीक से जांच नहीं हो रही है।
मलिक को इस साल दिल्ली में एक विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत की तरफ से सजा सुनाई गई है। वे अब गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत दो आजीवन कारावास और अलग-अलग जेल की सजा काट रहे हैं।
The Indian Express के मुताबिक, जेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मलिक ने शुक्रवार को खाने से इनकार कर दिया और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "शुरू में, जेल अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की और उन्हें हड़ताल खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। 24 जुलाई से, वह इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड या ग्लूकोज पर हैं।”एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।
2019 में गिरफ्तार हुआ यासीन मलिक
जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख मलिक को 2019 में NIA ने 2017 में खोले गए एक व्यापक आतंकी-वित्त पोषण मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
आठ दिसंबर, 1989 को तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण से जुड़े मामले में मलिक आरोपी है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सीबीआई के स्पेशल जज के सामने पेश हुए मलिक ने इसके पहले कहा था कि वह रुबैया सईद के अपहरण से जुड़े मामले में जम्मू की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होना चाहता है। मलिक ने कहा था कि 22 जुलाई तक अगर सरकार ने इस संबंध में अनुमति नहीं दी, तो वह भूख हड़ताल शुरू करेगा।
प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के 56 साल के प्रमुख मलिक को इस साल मई में दिल्ली की एक अदालत ने आतंकवाद का वित्तपोषण करने के मामले में दोषी ठहराया था।
मलिक को अलग-अलग अवधि की कारावास की सजा सुनाई गई थी और सारी सजा एकसाथ चल रही है। मलिक को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल नंबर सात में एक अलग कोठरी में रखा गया है।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की तरफ से साल 2017 में दर्ज आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में मलिक को साल 2019 की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। NIA की विशेष अदालत ने गत मई में उसे सजा सुनाई थी।