बिहार से लोक सभा के सदस्य रहे मधु लिमये ने यह सिखाया था कि किसी हंगामे के बिना भी विधायका में किस तरह कटु सत्य भी प्रभावकारी तरीके से बोले जा सकते हैं। "वन मैन आर्मी" लिमये जब लोकसभा में बोलने के लिए उठते थे तो सरकार सिहर जाती थी। क्योंकि उनकी बातें तथ्यों से परिपूर्ण होती थीं। मुंगेर और बांका से बारी-बारी दो-दो बार सांसद रहे मधु लिमये ने सिखाया था कि प्रभाव पैदा करने के लिए सदन के नियमों की बेहतर जानकारी होनी चाहिए। सन 1964 में मुंगेर से पहली बार लोक सभा में गये मधु लिमये को यह सब अच्छी तरह आता था।वे तब एक उप चुनाव में विजयी हुए थे।
