Maharashtra Crisis: महाराष्ट्र की सियासी संकट पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, एकनाथ शिंदे ने राज ठाकरे से फोन पर की बात

शिवसेना के 37 विधायकों के समर्थन के साथ अपने गुट को 'असली शिवसेना' बता रहे एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि विधानसभा उपाध्यक्ष की तरफ से इस गुट के विधायकों के खिलाफ की जा रही अयोग्यता की कार्यवाही गलत है और इस पर रोक लगनी चाहिए

अपडेटेड Jun 27, 2022 पर 10:31 AM
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महाराष्ट्र के बागी शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने आज गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल में विधायकों की एक बैठक बुलाई है

Maharashtra Political Crisis: शिवसेना के बागी मंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे सरकार के बीच बढ़ती दरार के बाद अब महाराष्ट्र का राजनीतिक विवाद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गया है। एकनाथ शिंदे ने अपने तथा 15 अन्य बागी विधायकों को विधानसभा उपाध्यक्ष द्वारा भेजे गए अयोग्यता नोटिस के खिलाफ रविवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। इस कार्रवाई को ‘गैर-कानूनी और असंवैधानिक’ करार देने तथा इस पर रोक लगाने का निर्देश देने की अपील की है।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेबी पारदीवाला की अवकाशकालीन पीठ आज सोमवार को शिंदे की याचिका पर सुनवाई कर सकती है। आपको बता दें कि शिंदे और शिवसेना के विधायकों का बड़ा हिस्सा 22 जून से असम की राजधानी गुवाहाटी के एक होटल में डेरा डाले हुए है। बागी विधायकों ने राज्य की महा विकास आघाड़ी (MVA) गठबंधन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे सरकार गिरने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

शिंदे ने राज ठाकरे से की बात


महाराष्ट्र में छाए सियासी संकट के बीच एकनाथ शिंदे ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे से फोन पर बात की है। मनसे के एक नेता ने समाचार एजेंसी एनआई को बताया कि शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) प्रमुख राज ठाकरे से दो बार फोन पर बात की। शिंदे ने ठाकरे से महाराष्ट्र की हालिया राजनीतिक स्थिति के बारे में बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली। शिंदे गुट में करीब 40 बागी विधायक शामिल हैं।

क्या है बागी विधायकों की मांग?

शिंदे के नेतृत्व वाला विद्रोही समूह मांग कर रहा है कि शिवसेना को महा विकास आघाड़ी गठबंधन (MVA) से हट जाना चाहिए, लेकिन शिवसेना सुप्रीमो और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हार मानने से इनकार कर दिया है। शिवसेना ने अब असंतुष्टों से कहा है कि वे इस्तीफा दें और फिर से चुनाव लड़ें। MVA में कांग्रेस और NCP भी शामिल हैं। महाराष्ट्र विधानसभा सचिवालय ने इन बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए की मांग पर शनिवार को 16 बागी विधायकों को 'समन' जारी कर 27 जून की शाम तक लिखित जवाब मांगा था।

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शिंदे ने महाराष्ट्र विधान सभा के सदस्यों (दलबदल के आधार पर अयोग्यता) नियम, 1986 के प्रावधानों के ‘मनमाने और अवैध’ इस्तेमाल को चुनौती देते हुए अपनी याचिका में कहा कि वह संविधान के आर्टिकल 32 के तहत इस न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का उपयोग करने के लिए विवश हैं। उनका कहना है कि विधानसभा उपाध्यक्ष द्वारा विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के लिए शुरू की गई प्रक्रिया संविधान के आर्टिकल 14 और 19(1)(G) का पूरी तरह से उल्लंघन है।

याचिका में तर्क दिया गया है कि फरवरी 2021 में नाना पटोले के पद से इस्तीफा देने के बाद से अध्यक्ष की सीट खाली है। इसमें कहा गया है कि किसी अन्य के पास यह अधिकार नहीं है कि वह अयोग्यता याचिका पर निर्णय ले सके, जिसके तहत याचिकाकर्ता को नोटिस जारी किया गया है।

ठाणे के कोपरी-पछपाखडी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक शिंदे ने शिवसेना के मुख्य सचेतक सुनील प्रभु के कहने पर बागी विधायकों के खिलाफ शुरू की गई अवैध अयोग्यता कार्यवाही को चुनौती दी है। इसमें कहा गया है कि शिवसेना विधायक दल के मुख्य सचेतक से उन्हें हटाए जाने के बाद उनके पास व्हिप जारी करने का कोई अधिकार नहीं रह गया है।

याचिका में कहा गया है कि मामले को सत्यापित किए बिना उपाध्यक्ष द्वारा समन जारी किया जाना अनुचित है। शिवसेना के दो-तिहाई से अधिक विधायकों के समर्थन का दावा करने वाले शिंदे समूह ने तर्क दिया है कि प्रभु के स्थान पर भरत गोगावाले को पार्टी का सचेतक नियुक्त किया जा चुका है।

ये मंत्री अब तक शिंदे गुट में हो सकते हैं शामिल

इस बीच, महाराष्ट्र के एक अन्य मंत्री उदय सामंत रविवार को गुवाहाटी पहुंचे और असंतुष्ट खेमे में शामिल हो गए। सामंत का काफिला असम पुलिस के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग 37 के पास रैडिसन ब्लू होटल में प्रवेश करते देखा गया। एक अन्य मंत्री प्रहार जनशक्ति पार्टी के बाचु कडू और शिवसेना कोटे से निर्दलीय मंत्री राजेंद्र येद्रावकर भी शिंदे के साथ डेरा डाले हुए हैं।

अब तक, राज्य के कैबिनेट मंत्री गुलाबराव पाटिल, दादा भुस, संदीपन भुमरे, और राज्य मंत्री शंबुराजे देसाई एवं अब्दुल सत्तार विद्रोहियों के खेमे में शामिल हो चुके हैं। प्रहार जनशक्ति पार्टी के एक अन्य मंत्री बच्चू कडू और शिवसेना कोटे से एक निर्दलीय मंत्री राजेंद्र येद्रावकर भी शिंदे के साथ गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं।

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