कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Election Result) में कांग्रेस (Congress) की विजय का असर अब देश के राजनीतिक गलियारे में दिखाई देना शुरू हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के कांग्रेस के प्रति रुख में नरमी दिखाई देने लगी है, क्योंकि उन्होंने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी "जहां कांग्रेस मजबूत है, वहां समर्थन देने के लिए तैयार है।" ममता का यह बयान कांग्रेस की कर्नाटक विधानसभा चुनाव में निर्णायक जीत के दो दिन बाद आया है। अब तक नतीजों के बाद अपने संदेश में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कांग्रेस का जिक्र करने से पूरी तरह परहेज किया था।
TMC प्रमुख ने सोमवार को कहा, "कांग्रेस जहां मजबूत है, हम उसका समर्थन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कांग्रेस को यहां हमारे खिलाफ हर दिन लड़ना बंद करना चाहिए।"
विपक्षी एकता में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक ये तय करना है कि इस तरह के मोर्चे का नेतृत्व कौन करेगा। क्षेत्रीय दलों की बढ़ती मांग ये है कि कांग्रेस उन सीटों पर ध्यान केंद्रित करे, जहां वह मजबूत है और जहां दूसरी पार्टियां मजबूत हैं, उन्हें छोड़ दे।
TMC ने कांग्रेस से काट ली थी कन्नी
ये देखते हुए कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के साथ विवाद बढ़ गया है, TMC ने पार्टी के साथ साझेदारी के सवाल पर कन्नी काटी है। संसद में भी, ये सावधानी बरती गई है कि कांग्रेस की तरफ से उठाए गए मुद्दों के साथ बहुत ज्यादा समर्थन न दिया जाए, और पिछले सत्र में विपक्ष की कई संयुक्त बैठकों से भी TMC दूर ही रही है।
ममता बनर्जी के सोमवार के बयान से संकेत मिलता है कि कर्नाटक के नतीजे के बाद कांग्रेस का पलड़ा भारी पड़ सकता है।
TMC सुप्रीमो ने सोमवार को कहा, “कांग्रेस जहां भी मजबूत है, 200 सीटें या और कुछ, उन्हें लड़ने दें, हम समर्थन देंगे। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन उन्हें दूसरे राजनीतिक दलों का भी समर्थन करना चाहिए। मैं आपको कर्नाटक में समर्थन दे रही हूं और आप हर दिन मेरे खिलाफ लड़ रहे हैं.. ऐसा नहीं होना चाहिए। अगर आप कुछ अच्छी चीजें हासिल करना चाहते हैं, तो आपको किसी क्षेत्र में कुछ त्याग भी करना होगा।”
विपक्षी दलों के बीच सीट बंटवारे पर, ममता ने कहास “ये सब अभी फाइनल नहीं हुआ है। जब इस पर चर्चा होगी, तो इस पर चर्चा की जाएगी।”
इससे पहले कर्नाटक के नतीजों के बाद अपनी टिप्पणी में ममता ने राज्य के लोगों को सलाम किया था और BJP पर निशाना साधा था, लेकिन कांग्रेस का जिक्र करने से परहेज किया था।
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि अहंकार, भेदभावपूर्ण व्यवहार, एजेंसी की राजनीति (केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल) और आम आदमी के खिलाफ BJP के अत्याचारों के कारण आज के नतीजे आए हैं। मैं भाजपा के दमनकारी उपायों के खिलाफ मतदान करने और 'BJP को वोट नहीं' देने के लिए कर्नाटक के लोगों को सलाम करती हूं।"
बनर्जी ने आगे कहा, "निकट भविष्य में छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं। मुझे यकीन है कि बीजेपी इन राज्यों में भी हारेगी।"