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नास्त्रेदमस ने क्या गांधी के बारे में की थी भविष्यवाणी, जानिए क्या है इसका सच!

फ्रांस के मशहूर भविष्यवक्ता ने सोलहवीं सदी में ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि भारत में एक ऐसा नेता पैदा होगा जो भूत काल में उत्पन्न हुए असाधारण दैवी गुणों से लैस राजाओं को भी पीछे छोड़ देगा, क्या यह बात उन्होंने गांधी के बारे में कही थी?

Surendra Kishoreअपडेटेड Jun 18, 2023 पर 1:40 AM
नास्त्रेदमस ने क्या गांधी के बारे में की थी भविष्यवाणी, जानिए क्या है इसका सच!
नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों के एक भाष्यकार नरेंद्र शर्मा लिखते हैं कि जरा महा भारत काल की भविष्यवाणियां देखिए और साथ -साथ अब नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी को देखिए। दोनों में मेल है

फ्रांस के मशहूर भविष्यवक्ता ने सोलहवीं सदी में ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि भारत में एक ऐसा नेता पैदा होगा जो भूत काल में उत्पन्न हुए असाधारण दैवी गुणों से लैस राजाओं को भी पीछे छोड़ देगा। हिंदुओं का यह भावी नेता भारत के सभी अन्य राजाओं में बढ़-चढ़कर होगा। नास्त्रेदमस ने सन 1555 से लेकर 3797 तक के लिए अनेक भविष्यवाणियां की थीं।

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां किताबों में संग्रहित हैं। नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों वाली पुस्तक हिन्दी में भी उपलब्ध है। उनकी अनेक भविष्यवाणियां सच साबित हो चुकी हैं। उन्होंने संकेतों की भाषा में अपनी भविष्यवाणियां चतुष्पदियों में लिखी है। भारत के बारे में उनकी इस भविष्यवाणी के बारे में अपने देश में अक्सर चर्चाएं होती रहती हैं।

उस भविष्यवाणी के अनुसार, "दुनिया के पूरब में तीन सागरों से घिरे देश में एक ऐसा प्राणी जन्म लेगा जो बृहस्पति वार को गुरू मान कर उपासना करेगा। वह प्राणी इतना महान और शक्तिशाली होगा कि वह तूफान की तरह पूरे विश्व पर छा जाएगा।" इस भविष्यवाणी को भारत से जोड़कर देखने वाले यह भी बताते हैं कि दुनिया में हिंदू ही एक ऐसा धर्म है जो बहस्पति को गुरू मानता है।

इस भविष्यवाणी पर विस्तार से कुछ कहने से पहले नास्त्रेदामस के बारे में कुछ और बातें कर ली जाएं। नास्त्रेदमस ने अपने बारे में सन 1556 में लिखा था कि "मैं इस संसार का सबसे बड़ा पापी और मनःस्ताप का उत्तराधिकारी हूं। किंतु समाधिमग्न कार्य में अनेक अवसरों पर विस्मित होने के कारण, लंबी-लंबी गणनाओं के मध्य और आध्यात्मिक गुणों की मीठी सुगंध की रात्रि वंदना में व्यस्त होने के कारण मैंने भविष्यवाणियों की रचना की है। इन पदों के अध्ययन करने वाले महानुभाव परिपक्व बुद्धि से आकलन करें। अधार्मिक , अनास्था वाला समुदाय, नीम हकीम ज्योतिषी, अयोग्य, अकुशल, अध कचरे समीक्षक इससे दूर रहें।"

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