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'भारत की बदहाली के लिए जिम्मेदार लोग फिर अपनी दुकान खोल कर बैठ गए' PM मोदी ने विपक्ष की बैठक को बताया 'कट्टर भ्रष्टाचारी सम्मेलन'

वीर सावरकर इंटरनेशनल एयर पोर्ट (Veer Savarkar International Airport) के नए इंटिग्रेटेड टर्मिनल का वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उद्घाटन करने के बाद मोदी ने अपने संबोधन में ये भी कहा कि आजादी के 75 सालों के बाद भारत कहां से कहां पहुंच सकता था, लेकिन भारतीयों के सामर्थ्य के साथ ‘भ्रष्टाचारी और परिवारवादी पार्टियों’ ने अन्याय किया

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 18, 2023 पर 2:27 PM
'भारत की बदहाली के लिए जिम्मेदार लोग फिर अपनी दुकान खोल कर बैठ गए' PM मोदी ने विपक्ष की बैठक को बताया 'कट्टर भ्रष्टाचारी सम्मेलन'
PM मोदी ने विपक्ष की बैठक को बताया 'कट्टर भ्रष्टाचारी सम्मेलन' (PHOTO-BJP)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को विपक्षी दलों (Opposition Parties) पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के लोग 2024 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) में फिर एक बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार को वापस लाने का मन बना चुके हैं इसलिए ‘देश की बदहाली’ के लिए जिम्मेदार लोग एक बार फिर ‘अपनी दुकान’ खोलकर बैठ गए हैं। यहां के वीर सावरकर इंटरनेशनल एयर पोर्ट (Veer Savarkar International Airport) के नए इंटिग्रेटेड टर्मिनल का वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उद्घाटन करने के बाद मोदी ने अपने संबोधन में ये भी कहा कि आजादी के 75 सालों के बाद भारत कहां से कहां पहुंच सकता था, लेकिन भारतीयों के सामर्थ्य के साथ ‘भ्रष्टाचारी और परिवारवादी पार्टियों’ ने अन्याय किया।

उन्होंने कहा, "आजादी के 75 साल बाद हमारा भारत कहां से कहां पहुंच सकता था। हम भारतीयों के सामर्थ्य में कभी कोई कमी नहीं रही है। लेकिन सामान्य भारतीय के इस सामर्थ्य के साथ हमेशा भ्रष्टाचारी और परिवारवादी पार्टियों ने अन्याय किया है।"

मोदी ने दावा किया कि आज देश के लोग 2024 के चुनाव में फिर एक बार ‘हमारी सरकार’ वापस लाने का मन बना चुके हैं। उन्होंने कहा, "ऐसे में भारत की बदहाली के लिए जिम्मेदार कुछ लोग अपनी दुकान खोल कर बैठ गए हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ 'लोगों का, लोगों द्वारा, लोगों के लिए' है, लेकिन इन परिवारवादी पार्टियों का एक ही मंत्र है और वह है 'परिवार का, परिवार द्वारा, परिवार के लिए।’ उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियों के लिए, उनका परिवार सबसे पहले है और राष्ट्र कुछ भी नहीं है।

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