इस संकेत के बीच कि कांग्रेस ने एक टेली-सर्वे किया है, जिसके बाद अब पार्टी पंजाब में विधानसभा चुनावों से पहले चरणजीत सिंह चन्नी को ही अपने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए तैयार है। अब राज्य कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया है कि शीर्ष स्तर के नेता एक "कमजोर मुख्यमंत्री" चाहते हैं, जो उनकी लाइन पर चल सके।
गुरुवार शाम वैष्णो देवी मंदिर से लौटे सिद्धू अमृतसर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उनके इस बयान को साफ तौर पर कांग्रेस आलाकमान के लिए माना जा रहा है, भले ही सिद्धू के मीडिया सलाहकारों ने इस बयान का खंडन किया हो।
सिद्धू ने कहा, "टॉप एक कमजोर सीएम चाहता है। उन्हें ऐसा सीएम चाहिए, जो उनकी धुन गाए। नाच मेरी बुलबुल तुझे पैसा मिलेगा।" उनके इस बयान पर समर्थनों नारे लगाए, "हमारा सीएम कैसा हो, नवजोत सिद्धू जैसा हो।"
उन्होंने कहा, "मैं एक बात कहना चाहता हूं कि अगर आपको नया पंजाब चाहिए, तो वह सीएम के हाथ में है। इस बार आपको सीएम चुनना है। पिछले 25 सालों में दो मुख्यमंत्रियों ने राज्य को बर्बाद किया है। इस बार आपको सीएम चुनना है। अगर आप किसी चोर को ऊपर बैठा देंगे, तो जानते ही हैं क्या होगा।"
कांग्रेस नेता ने अपने समर्थकों से कहा कि अगर वे चाहते हैं कि पंजाब को उसके प्राचीन गौरव पर बहाल किया जाए, तो उन्हें एक ईमानदार मुख्यमंत्री चुनना चाहिए।
इस बीच, पार्टी आने वाले दिनों में अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करने की तैयारी कर रही है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सूत्रों ने संकेत दिया है कि चन्नी सबसे लोकप्रिय चेहरे के रूप में उभरे हैं।
हालांकि, सिद्धू के मीडिया सलाहकार सुरिंदर दल्ला ने कहा कि उनके बयान को बेवजह तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि "वे" पंजाब में एक कमजोर मुख्यमंत्री चाहते हैं, वास्तव में वे केंद्र की ओर इशारा कर रहे थे।
सिद्धू ने यह भी बताया कि कैसे सिंगापुर के शासकों ने इसे "मछली बाजार" से दुनिया की सर्वश्रेष्ठ अर्थव्यवस्था में बदल दिया।
कांग्रेस नेता के एक और मीडिया सलाहकार जगतार सिंह सिद्धू ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सिद्धू के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया।
उन्होंने कहा, "वह कई बार कह चुके हैं कि केंद्र पंजाब में एक कमजोर सीएम चाहता है। वह इसे पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के संदर्भ में कहते हैं, जो हमेशा कहते हैं कि वह BJP के नेतृत्व वाले केंद्र के हाथों की कठपुतली है। उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। हर कोई उसे नीचे खींचने के लिए उसके खिलाफ गैंग बना लेते हैं।"