Rajya Sabha ByPoll: किरण चौधरी ने हरियाणा से दाखिल किया नामांकन, JJP के बागी विधायकों का मिला समर्थन, निर्विरोध जीत तय

राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का बुधवार को आखिरी दिन है। मुकाबले की स्थिति में BJP के पास संख्या बल है। विपक्ष के उम्मीदवार उतारने की संभावना नहीं है। ऐसे में चौधरी का ऊपरी सदन में निर्विरोध पहुंचना तय है। नौ राज्यों में राज्यसभा की 12 खाली सीटों के लिए चुनाव 3 सितंबर को होंगे। नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को होगी

अपडेटेड Aug 21, 2024 पर 3:55 PM
Rajya Sabha ByPoll: किरण चौधरी ने हरियाणा से दाखिल किया नामांकन

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता किरण चौधरी ने हरियाणा से राज्यसभा उपचुनाव के लिए बुधवार को पार्टी उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। जननायक जनता पार्टी (JJP) के कुछ बागी विधायकों ने भी उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया। चौधरी के नामांकन पत्र दाखिल करने के समय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेश BJP अध्यक्ष मोहन लाल बडौली, पार्टी के कई विधायक, राज्य के लिए पार्टी के सह चुनाव प्रभारी बिप्लब कुमार देब और JJP के कुछ बागी मौजूद थे।

राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का बुधवार को आखिरी दिन है। मुकाबले की स्थिति में BJP के पास संख्या बल है। विपक्ष के उम्मीदवार उतारने की संभावना नहीं है। ऐसे में चौधरी का ऊपरी सदन में निर्विरोध पहुंचना तय है।

कांग्रेस ने क्यों नहीं उतारा उम्मीदवार?


कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पहले कहा था कि उनकी पार्टी राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार नहीं उतारेगी, क्योंकि उनके पास पर्याप्त संख्या नहीं है।

चौधरी के नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि बीजेपी विधायकों के अलावा, दूसरे दलों के कुछ विधायकों ने भी बीजेपी उम्मीदवार को समर्थन दिया है।

इन विधायकों ने बीजेपी को दिया समर्थन

उन्होंने कहा, "जोगी राम सिहाग, राम निवास सुरजाखेड़ा, राम कुमार गौतम और अनूप धानक (JJP के बागी), नयन पाल रावत (निर्दलीय विधायक) और (हरियाणा लोकहित पार्टी प्रमुख) गोपाल कांडा ने अपना समर्थन पत्र दिया है।"

एक सवाल के जवाब में सैनी ने कहा कि हरियाणा में राज्यसभा उपचुनाव के लिए चौधरी की उम्मीदवारी को लेकर पार्टी एकमत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी को राजनीति में लंबा अनुभव है और राज्य के लिए उनका एक दृष्टिकोण है।

69 साल की हरियाणा की पूर्व मंत्री चौधरी जून में अपनी बेटी श्रुति और उनके समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हुई थीं।

आखिरी सांस तक पार्टी की सेवा करूंगी

चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, मनोहर लाल खट्टर, पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व और हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी को उनके नामांकन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बीजेपी और दूसरे दलों के विधायकों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया।

एक सवाल के जवाब में चौधरी ने कहा कि उन्होंने भले ही कांग्रेस में 45 साल बिताए हों, लेकिन अब वो बीजेपी के साथ हैं और अपनी आखिरी सांस तक पार्टी की सेवा करेंगी।

बीजेपी की राज्यसभा उम्मीदवार ने कहा कि वह चौधरी बंसीलाल के परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जिन्होंने 1990 के दशक में BJP के साथ गठबंधन में हरियाणा में सरकार चलाई थी।

BJP के साथ हमारे पुराने संबंध

उन्होंने कहा, "BJP के साथ हमारे पुराने संबंध हैं और मैं उनकी नीतियों से प्रभावित थी। BJP राज्य और राष्ट्र हित में काम करती है और इससे जुड़ना मेरा सौभाग्य है।"

चौधरी ने कांग्रेस छोड़ने के करीब दो महीने बाद मंगलवार को विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। इसके तुरंत बाद BJP ने उन्हें उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था।

क्यों पड़ी राज्यसभा उपचुनाव की जरूरत?

कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा के रोहतक लोकसभा सीट से निर्वाचित होने के बाद हरियाणा में राज्यसभा की एकमात्र सीट पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी।

नौ राज्यों में राज्यसभा की 12 खाली सीटों के लिए चुनाव 3 सितंबर को होंगे। नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को होगी, जबकि उम्मीदवार 27 अगस्त तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं।

अगर जरूरत पड़ी तो हरियाणा विधानसभा सचिवालय में 3 सितंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा।

चौधरी के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद 90 सदस्यीय विधानसभा में BJP के 41, कांग्रेस के 28 और JJP के 10 सदस्य हैं। विधानसभा में पांच निर्दलीय विधायक हैं, इनेलो और हरियाणा लोकहित पार्टी (HLP) के एक-एक सदस्य हैं और चार सीट खाली हैं।

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