Terror attack Jantar Mantar: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तान समर्थित कथित जासूसी और आतंकी नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा किया है। STF का दावा है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस पाक आतंकी नेटवर्क के निशाने पर थे। जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि इसी नेटवर्क ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान भी हमले की कोशिश की थी। जांच एजेंसियां CJP विरोध-प्रदर्शन के दौरान गड़बड़ी पैदा करने की कोशिशों से जुड़े होने की भी जांच कर रही हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर को निशाना बनाने की कथित साजिश रचने वाले एक संदिग्ध आतंकी का राज उसकी गर्लफ्रेंड के सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खुल गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर शेयर की गई कुछ तस्वीरों और गतिविधियों ने संदिग्ध की पहचान और उसके नेटवर्क तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर राजधानी दिल्ली के संवेदनशील इलाके जंतर-मंतर पर हमले की योजना बना रहा था। सुरक्षा एजेंसियों को पहले कुछ इनपुट मिले थे, जिसके बाद तकनीकी निगरानी और सोशल मीडिया विश्लेषण के जरिए संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
आरोपी की गर्लफ्रेंड से हुआ खुलासा
बंगाल पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की गर्लफ्रेंड द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट और लोकेशन संबंधी जानकारियों ने जांच को नई दिशा दी। इन्हीं सुरागों के आधार पर एजेंसियां संदिग्ध तक पहुंचीं और उसके कथित आतंकी नेटवर्क की पड़ताल शुरू की।
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि संदिग्ध के संपर्क कुछ कट्टरपंथी तत्वों से थे। एजेंसियां उसके डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। ताकि यह पता लगाया जा सके कि साजिश में और कौन-कौन शामिल था।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही साजिश के उद्देश्य, नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में विस्तृत जानकारी शेयर की जाएगी।
ये खुलासा STF द्वारा बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले से संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ऑपरेटिव मोहम्मद हमिम मंडल को गिरफ्तार करने और उसके बाद मामले के सिलसिले में पड़ोसी राज्य झारखंड से अर्पिता सरकार नाम की महिला को गिरफ्तार करने के एक दिन बाद हुआ है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए STF IG गौरव शर्मा ने कहा कि जांच से पता चला है कि अधिकारी पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों की कथित टारगेट लिस्ट में शामिल थे।
न्यूज 18 के मुताबिक शर्मा ने कहा, "मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों की टारगेट लिस्ट में थे। इसी नेटवर्क ने जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश की थी। हमने यह भी देखा है कि इस मामले में कुछ पुलिस अधिकारी, कुछ राजनेता और कुछ महत्वपूर्ण लोग टारगेट पर हैं।"
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को बर्धमान कोर्ट में पेश किया गया था और उनसे आगे की पूछताछ चल रही है। जांचकर्ताओं के अनुसार, मंडल पर ISI समर्थित नेटवर्क का हिस्सा होने का संदेह है। इस नेटवर्क का काम BJP नेताओं सहित VIP लोगों के बारे में खुफिया जानकारी इकट्ठा करना, ऑपरेटिव्स की भर्ती करना और पश्चिम बंगाल में संभावित आतंकी गतिविधियों के लिए आधार तैयार करना था।
STF ने पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के साथ उसके कथित संबंधों और संदिग्ध नेटवर्क की गतिविधियों के बारे में पूछताछ करने के लिए 14 दिन की पुलिस कस्टडी मांगी और हासिल की। उसके पास से बरामद iPhone और अन्य मोबाइल फोन सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि उसके कम्युनिकेशन का पता लगाया जा सके। साथ ही टेरर मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।