पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस (Congress) नेता आरपीएन सिंह (RPN Singh) ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections 2022) से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। सुबह कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और यूपी बीजेपी प्रमुख स्वतंत्र देव की मौजूदगी में आरपीएन सिंह बीजेपी में शामिल हुए।
बीजेपी में शामिल होने के बाद आरपीएन सिंह ने कहा, "32 सालों तक मैं एक पार्टी में रहा ईमानदारी से, लगन से मेहनत की, लेकिन जिस पार्टी में इतने साल रहा, अब वो पार्टी रह नहीं गई ना वो सोच रह गई, जहां मैंने शुरूआत की थी।"
उन्होंने आगे कहा कि अगर देश में राष्ट्र निर्माण करना है और देश को आगे बढ़ाना है, तो मैं एक छोटे कार्यकर्ता की हैसियत से हमारे प्रधानमंत्री मोदी के सपनों को पूरा करने के लिए, जो भी प्रयास होगा जरूरी करूंगा।
वहीं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "आरपीएन सिंह जी का मैं भारतीय जनता पार्टी परिवार में स्वागत करता हूं। उनके साथ 2 और साथी भी BJP में शामिल हुए हैं, मैं उनका भी पार्टी में स्वागत करता हूं।"
उधर दूसरी तरफ आरपीएन सिंह की नेमप्लेट कांग्रेस पार्टी मुख्यालय से हटाई गई। आरपीएन सिंह कांग्रेस के झारखंड के इनचार्ज थे। सिंह ने मंगलवार दिन में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को अपना इस्तीफा सौंपा।
कुशीनगर के सैंथवार के शाही परिवार के वंशज आरपीएन सिंह कांग्रेस पार्टी के वफादार रहे हैं। वह 1996 और 2009 के बीच अपने दिवंगत पिता सीपीएन सिंह की तरह उत्तर प्रदेश के पडरौना निर्वाचन क्षेत्र से विधायक थे।
इसके बाद वे 15वीं लोकसभा चुनाव में निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए। 16वीं लोकसभा के चुनाव में वह बीजेपी के राजेश पांडेय से हार गए थे। उन्होंने कांग्रेस शासन में गृह राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया है। नेता का जाना यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा की कोशिशों के लिए भी एक झटका होगा, जो राज्य में चुनावी अभियान की कमान संभाले हुए हैं।