राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की लोकसभा से अयोग्यता (Disqualification) के खिलाफ कांग्रेस (Congress) नेताओं के जारी हंगामे के बीच, तमिलनाडु (Tamil Nadu) में पार्टी के कई नेताओं ने डिंडीगुल में विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच कांग्रेस के डिंडीगुल जिला अध्यक्ष मणिकंदन की तरफ से दिए गए एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया। इसके बाद उनके खिलाफ शनिवार को IPC की धारा 153B समेत तीन धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी।
विरोध प्रदर्शन के दौरान, मणिकंदन को 'जज की जीभ काटने की धमकी' देते हुए सुना जा सकता है, जिसने राहुल गांधी को 2 साल की जेल की सजा सुनाई थी। मणिकंदन ने कहा, "जब हम सत्ता में आएंगे, तो हम उस जज की जीभ काट देंगे, जिसने हमारे नेता राहुल गांधी को जेल भेजने का फैसला सुनाया था।"
डिंडीगुल पुलिस ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, "हमने उनके (मणिकंदन) खिलाफ IPC की धारा 153B समेत तीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और एक जांच चल रही है।"
इससे पहले मंगलवार को कन्याकुमारी के नागरकोइल में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हो गई। राहुल गांधी की लोकसभा की अयोग्यता के खिलाफ यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामा हुआ।
कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी के अनुसार, नागरकोइल में BJP कार्यालय के बाहर BJP जिलाध्यक्ष धर्मराज और कुछ लोगों के साथ मिलकर, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर 'शांतिपूर्ण' विरोध के दौरान हमला किया।
उन्होंने मंगलवार को एक ट्वीट में कहा, “मैं राहुल गांधी जी की अयोग्यता के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए जघन्य हमले की कड़ी निंदा करता हूं। इन बीजेपी के गुंडों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।”
श्रीनिवास बीवी की तरफ से शेयर किए गए वीडियो में, युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नागरकोइल में बीजेपी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते देखा जा सकता है।
दरअसल सूरत की एक सत्र अदालत ने सोमवार को राहुल गांधी को जमानत दे दी और 13 अप्रैल को कांग्रेस नेता की 2019 की आपराधिक मानहानि मामले में उनकी "मोदी सरनेम" टिप्पणी पर उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई थी। दो साल जेल की सजा मिलने के कारण उन्हें लोकसभा से अयोग्य ठहराया गया था।