Tawang Clash: राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन के दूतावास से 1.35 करोड़ रुपए मिलने का आरोप, गृह मंत्री अमित शाह के दावे पर कांग्रेस का पलटवार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन परिसर में मीडिया से कहा कि कांग्रेस ने राजीव गांधी फाउंडेशन के विदेशी चंदा नियमन कानून (FCRA) रजिस्ट्रेशन को रद्द करने से जुड़े सवालों से बचने के लिए संसद में सीमा मुद्दे को उठाया है

अपडेटेड Dec 13, 2022 पर 7:44 PM
Tawang Clash: RGF पर गृह मंत्री अमित शाह के दावे पर कांग्रेस का पलटवार

Tawang Clashअरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के तवांग सेक्टर (Tawang Sector) के पास भारत-चीन सीमा पर हिंसक झड़प (India China Border Clash) के बीच, राजीव गांधी फाउंडेशन (RGF) पर "चीन के दूतावास (Chinese Embassy) से 1.35 करोड़ रुपए" लेने का आरोप मंगलवार को फिर से सामने आया। इस बार ये मामला खुद गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने उठाया और तवांग में हुई सैनिकों की झड़प पर संसद में चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस (Congress) पर निशाना साधा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन परिसर में मीडिया से कहा कि कांग्रेस ने राजीव गांधी फाउंडेशन के विदेशी चंदा नियमन कानून (FCRA) रजिस्ट्रेशन को रद्द करने से जुड़े सवालों से बचने के लिए संसद में सीमा मुद्दे को उठाया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन के दूतावास से एक करोड़ 35 लाख रुपए का अनुदान मिला था, जो FCRA कानून और उसकी मर्यादाओं के खिलाफ था। इसलिए इसका रजिस्ट्रेश रद्द कर दिया गया।


उन्होंने भारतीय सैनिकों की वीरता की सराहना की। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा, "नेहरू के चीन प्रेम के कारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सीट का त्याग कर दिया गया।"

Tawang Clash: कांग्रेस का पलटवार

वहीं कांग्रेस (Congress) ने ‘राजीव गांधी फाउंडेशन’ (RGF) के संदर्भ में गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर मंगलवार को उन पर पलटवार करते हुए दावा किया कि जिन चीन ऐप को सरकार ने प्रतिबंधित किया था, उनमें से कई के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गहरे रिश्ते रहे हैं।

पार्टी के मीडिया और प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने यह दावा भी किया कि BJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से लोकतंत्र के बारे में शिक्षा हासिल की थी।

उन्होंने यह भी कहा कि RGF के अकाउंट का लेखा-जोखा दर्ज है, और छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।

खेड़ा ने मीडिया से कहा, "मैं याद दिलाना चाहता हूं कि इस सरकार ने जिन ऐप को प्रतिबंधित किया था। उनमें से कई के साथ बीजेपी के गहरे रिश्ते हैं। यूसी वेब के साथ BJP ने साझेदारी की। शेयर-इट के साथ साझेदारी की है।"

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उन्होंने दावा किया, "जिस चीनी कंपनी को विश्व बैंक (World Bank) ने प्रतिबंधित कर दिया। मोदी सरकार ने उसी कंपनी को जम्मू-कश्मीर में स्मार्ट मीटर का ठेका दे दिया। स्मार्ट मीटर का ठेका देने का मतलब है कि आपने जम्मू-कश्मीर के तमाम नागरिकों का डाटा चीन के हवाले कर दिया है। ऐसा क्‍यों?"

खेड़ा ने कहा, "RSS कहता है कि वह सांस्कृतिक संगठन है। उसे बताना चाहिए कि उसके चीन के साथ क्या रिश्ते हैं। BJP के लोग चीन से शिक्षित होने जाते हैं।’’

उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार के एक मंत्री के पुत्र की मौजूदगी वाले फाउंडेशन को चीन से पैसे मिले। ‘इंडिया फाउंडेशन’ और ‘विवेकानंद फाउंडेशन’ के साथ चीन के क्या रिश्ते हैं। इस बारे में गृह मंत्री को बताना चाहिए।" कांग्रेस नेता ने कहा, "PM-CARES फंड के आंकड़े साझा करिये, तो पता चले कि किन चीनी कंपनियों ने अनुदान दिया।"

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