कोरोना के कारण बंद हुई मुंबई उपनगरीय लोकल सेवाएं सोमवार को करीब 10 महीनें बाद शुरू हुईं। लेकिन इसमें आम लोगों को यात्रा करने के लिए समय निर्धारित किये गये हैं और उसका उल्लंघन करने पर उनसे दंड भी वसूला जा रहा है। आम लोगों के लिए सुबह पहली ट्रेन से सुबह 7 बजे तक ही यात्रा करने की अनुमति मिलने से नौकरीपेशा लोगों ने तीव्र नाराजगी व्यक्त की है। जिसकी वजह से लोकल का समय बदले जाने की मांग की जा रही है। इस बीच स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जल्द ही लोकल यात्रा के समय के बारे में लोगों राहत की खबर सुनने को मिलेगी।
लोकसत्ता में छपी खबर के मुताबिक राजेश टोपे ने कहा कि लोगों की सुविधा सबसे महत्वपूर्ण होती है इसे इसी नजरिये से देखना चाहिए। यदि लोकल के निर्धारित समय में कुछ सुधार करना जरूरी होगा तो इस बारे में जल्दी ही लोगों को बताया जायेगा। लोगों का हित ही अंतिम महत्व है। इसी दृष्टि से काम किया जायेगा। इसलिए इस संबंध में कोई भी बदलाव अपेक्षित है तो उसे लागू किया जायेगा।
राजेश टोपे ने आगे कहा कि लोकल का समय निश्चित ही बदला जा सकता है। लोगों के हित और जरूरत के संबंध में उनकी सुविधा होना अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इसमें यदि सुधार किये जाने की जरूरत होगी तो हमारा विभाग भी हमें बतायेगा और राज्य सरकार इस संदर्भ में जरूर निर्णय लेगी।
वहीं फिलहाल आम आदमी के लिए निर्धारित किये गये समय को छोड़कर केवल अत्यावश्यक सेवा के कर्मचारियों को स्टेशन में प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए यात्रियों पर टिकट जांच करने वाले और रेलवे पुलिस की कड़ी नजर होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों का कार्रवाई का सामना करना होगा ऐसा रेलवे की ओर से स्पष्ट किया गया है।