Kunda: 29 सालों में पहली बार राजा भैया के सामने किसी उम्मीदवार ने बचाई जमानत, कुंडा में गुलशन यादव ने तोड़ा यह रिकॉर्ड

Kunda Election Result 2022: यूपी के बाहुबली नेताओं में गिने जाने वाले रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से लगातार 7वीं बार जीत दर्ज की है

अपडेटेड Mar 10, 2022 पर 9:27 PM
UP Election Results 2022: राजा भैया कुंडा विधानसभा सीट से लगातार 7वीं बार जीते

Kunda Chunav Result 2022: उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेताओं में गिने जाने वाले रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (Raghurah Pratap Singh alias Raja Bhaiya) ने प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से लगातार 7वीं बार जीत दर्ज की है। उन्होंने सपा उम्मीदवार गुलशन यादव (Gulshan Yadav) को 30,315 वोटो के अंतर से हराया है। गुलशन यादव यह चुनाव भले हार गए हों, लेकिन उन्होंने न सिर्फ राजा भैया को कड़ी टक्कर दी है बल्कि कुंडा में राजा भैया के खिलाफ 29 सालों से चला आ रहा एक अनोखा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।

29 सालों में जमानत बचाने वाले पहले उम्मीदवार बने गुलशन यादव

गुलशन यादव कुंडा में राजा भैया के खिलाफ अपनी जमानत बचाने वाले पहले उम्मीदवार बन गए हैं। राजा भैया ने कुंडा विधानसभा सीट से पहली बार 1993 में चुनाव जीता था। तब से वह लगातार पिछले 29 सालों से इस सीट से विधायक हैं। राजा भैया ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया था, "कुंडा की यह परंपरा है जो भी कुंडा से उनके खिलाफ लड़ता है उसकी यहां कि जनता जमानत जब्त करा देती है। आप पिछले 6 चुनावों का इतिहास देखिए, आपको पता चल जाएगा।" हालांकि इस बार गुलशन यादव ने 35.19 फीसदी वोट पाकर अपनी जमानत बचा ली है।

राजा भैया और गुलशन यादव को कितने वोट मिले


जनसत्ता दल लोकतांत्रिक नाम से अपनी अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ रहे राजा भैया को 99,612 वोट या कुल वोटों को 50.58 फीसदी मत मिला है। इसके मुकाबले सपा उम्मीदवार गुलशन यादव 69,297 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। बीजेपी उम्मीदवार सिंधुजा मिश्रा सेनानी 16,347 वोटों के साथ तीसरे और बसपा उम्मीदवार 3,3321 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे हैं।

कुंडा में 1993 से है राजा भैया का जलवा

कुंडा विधानसभा सीट पर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का 1,993 से जलवा कायम है। उनके दबदबे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआत के कई चुनावों में पार्टियों को वहां उनके प्रत्याशी नहीं मिलते थे और वे कौशांबी या दूसरी जगहों के नेताओं को वहां प्रत्याशी बनाकर भेजते थे। 2007 में मायावती ने राजा भैया के खिलाफ आंतकवाद निरोधक कानून लगाकर जेल भेजा था। हालांकि बाद में वह सभी आरोपों से बरी हो गए और आज भी कुंडा के "राजा" बने हुए। राजा भैया प्रतापगढ़ की भदरी राजघराने के उत्ताराधिकारी हैं और इलाके में उनके पिता उदय प्रताप सिंह को भदरी स्टेट का 'राजा' कहा जाता है।

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कौन है गुलशन यादव?

गुलशन यादव को कभी राजा भैया का करीबी माना जाता था। स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक राजा भैया के समर्थन से गुलशन यादव पहले ग्राम प्रधान और फिर कुंडा नगर पंचायत के अध्यक्ष बने थे। सपा सरकार में जब राजा भैया मंत्री थे, तब गुलशन यादव भी उनके साथ सपा से जुड़ गए थे। हालांकि राजा भैया के सपा से गठबंधन तोड़ने के बाद भी गुलशन यादव सपा में बने रहे। अब इस विधानसभा चुनाव में सपा ने उन्हें उम्मीदवार बना दिया। यह भी दिलचस्प था कि सपा ने करीब 20 सालों बाद कुंडा में राजा भैया के खिलाफ कोई उम्मीदवार उतारा था। इसे लेकर चुनाव प्रचार के दौरान राजा भैया और अखिलेश यादव के बीच काफी तल्खियां भी देखने को मिली थीं।

कब जब्त होता है जमानत?

चुनाव आयोग के मुताबिक, जब कोई उम्मीदवार सीट पर पड़े कुल वोटों का 1/6 यानी 16.66% वोट हासिल नहीं कर पाता तो उसकी जमानत जब्त कर ली जाती है। जमानत जब्त होने पर उम्मीदवार की जमानत राशि को चुनाव आयोग रख लेता है, जिसे जमानत जब्त होना कहा जाता है। विधानसभा चुनाव में सामान्य वर्ग के उम्मीदवार के लिए जमानत राशि की रकम 10 हजार रुपये होती है, जबकि एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 5 हजार रुपये जमा कराने होते है।

राजा भैया कब-कब रहे मंत्री

1997-1999- मंत्री, कार्यक्रम कार्यान्वयन

1999-2000- मंत्री, खेल और युवा कल्याण

2004-2007- मंत्री, खाद्य नागरिक आपूर्ति

2012-2017- मंत्री, खाद्य नागरिक आपूर्ति

किन मुख्यमंत्रियों की सरकारों में मंत्री रहे राजा भैया

कल्याण सिंह

राम प्रकाश गुप्ता

राजनाथ सिंह

मुलायम सिंह यादव

अखिलेश यादव

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