UP Election Results 2022: उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव (Assembly Election Results 2022) के नतीजे सामने आ रहे हैं। यूपी में BJP इतिहास रचने जा रही है। वहीं कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (BSP) सबसे बुरे हार की ओर बढ़ चुकी हैं। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा। इस चुनाव में काफी उम्मीदें थीं। पार्टी 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' और महिलाओं को 40 फीसदी टिकट जैसे बड़े अभियान के साथ मैदान में उतरी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
कांग्रेस का चुनाव में पुरी तरफ सफाया हो गया है और उसे सिर्फ दो सीटें ही मिलती नजर आ रही हैं। साल 2022 के कांग्रेस के तमाम दिग्गज एक-एक कर धराशायी हो गए। यहां तक कि प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू जो कि लगातार दो बार से विधायक थे, वो भी अपनी सीट नहीं बचा पाए।
कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में मिली 2 सीटों पर जीत
कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में 2 सीटों पर जीत मिली है। वो सीट फरेंदा विधानसभा सीट जहां से वीरेंद्र चौधरी जीते है। इसके साथ ही अराधना मिश्रा मोना ने प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से जीत दर्ज की है। इसके अलावा कोई भी नेता अपनी छाप नहीं छोड़ पाया। नोएडा से तो कांग्रेस प्रत्याशी पंखुड़ी पाठक की जमानत जब्त हो गई।
कांग्रेस प्रदेश अक्ष्य को मिली करारी हार
कांग्रेस एक तरफ जहां राज्य के चुनाव में खस्ता हालत से जूझ रही है। वहीं उसे एक और बड़ा झटका लगा है। प्रियंका के 'सिपहसालार' यानी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को करारी हार मिली है। प्रदेश में चुनाव से पहले बेहद सक्रिय दिखे लल्लू को तमकुहीराज सीट पर 78403 वोटों से शिकस्त का सामना करना पड़ा है। वह 33017 मतों के साथ अपनी सीट पर तीसरे स्थान पर रहे। लल्लू को कुल 220234 वोटों में से 14.99 फीसदी ही वोट मिले।
BJP के असीम कुमार को मिली जीत
तमकुहीराज विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के असीम कुमार ने जीत दर्ज की है। उन्होंने 111420 वोट हासिल किए हैं। असीम को 50.59 फीसदी से अधिक वोट मिले हैं। वहीं, दूसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार उदय नारायण हैं। नारायण के खाते में 47353 वोट गए। उन्होंने 21.5 फीसदी वोट हासिल किए।
इन धुरंधरों को मिली पराजय
उत्तर प्रदेश में सभी धुरंधर कांग्रेसियों को हार का सामना करना पड़ा। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, अजय राय, प्रदीप माथुर और अजय कपूर जैसे दिग्गज नेताओं को हार का मुह देखना पड़ा।