UP Election 2022: उत्तर प्रदेश में करीब एक महीने से चल रहा चुनावी अभियान का प्रचार शनिवार को खत्म हो गया है। सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। छह चरणों की वोटिंग खत्म होने के बाद अब उत्तर प्रदेश में सातवें और अंतिम चरण की वोटिंग सोमवार को होगी। सातवें चरण में राज्य के 9 जिलों की 54 सीटों पर वोटिंग होगी। अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत पूर्वांचल के 9 जिलें शामिल हैं।
इस आखिरी चरण में पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और आजमगढ़ के तहत आने वाली विधान सभा सीटें शामिल हैं। आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव लोकसभा सदस्य हैं। इन 9 जिलों में आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जिले शामिल हैं।
बता दें कि यूपी में अबतक 403 सीटों में से 349 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। सातवें चरण में राजनीति के कई दिग्गजों समेत योगी सरकार के 7 मंत्रियों की परीक्षा होगी। इनमें से 5 मौजूदा समय में मंत्री हैं। सातवें चरण में 54 सीटों पर कुल 613 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 2.06 करोड़ मतदाता करेंगे। 2017 के विधानसभा चुनाव में इन 54 सीटों में से BJP ने 29, सपा ने 11, BSP ने 6, अपना दल (एस) ने 4, सुभासपा ने 3 और निषाद पार्टी ने 1 सीट जीती थीं।
इस बार पूर्वांचल के बदले हालात
हालांकि, इस बार पूर्वांचल के सियासी हालात थोड़े बदले हुए नजर आ रहे हैं। छोटे दलों में सुभासपा ने इस बार समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनावी मैदान में है। सातवें चरण में BSP का भी अपना अच्छा खासा जनाधार है, जिसके दम पर जीत की आस लगाए हैं। सातवें चरण में जिन सीटों पर चुनाव हैं, वहां पर 2017 के विधानसभा चुनाव को छोड़ दें, तो जातिगत समीकरण 90 के दशक से हमेशा प्रभावी रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आखिरी चरण के चुनावों में सपा और बसपा के साथ-सथ राजभर, संजय, निषाद और अनुप्रिया की परीक्षा होनी है।