UP Elections 2022: छठे चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित दर्जन भर दिग्गज नेताओं और मंत्रियों की किस्मत का होगा फैसला

छठे चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और समाजवादी पार्टी के स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे राजनीतिक दिग्गजों के किस्मत का फैसला होगा

अपडेटेड Mar 02, 2022 पर 4:46 PM
छठे चरण में अंबेडकरनगर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीर नगर, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया एवं बलिया में मतदान होना है

UP Assembly Polls 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर समेत 10 जिलों के 57 विधानसभा क्षेत्रों में कल यानी तीन मार्च को मतदान होने वाला है। इस चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और समाजवादी पार्टी के स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे राजनीतिक दिग्गजों के किस्मत का फैसला होगा।

उत्तर प्रदेश विधानसभा की 292 सीटों पर पिछले पांच चरणों में मतदान हो चुका है। भारत में सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में से एक में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं। मतदान अब राज्य के पूर्वांचल क्षेत्र में चला गया है जहां 111 सीटों पर मतदाताओं का कब्जा है। सभी पांच राज्यों गोवा, पंजाब, मणिपुर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश में 10 मार्च को मतगणना होगी। इस चरण में कुल 676 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

57 सीटों में से 46 सीटों पर BJP ने दर्ज की थी जीत


पिछली बार यानी 2017 के विधानसभा चुनाव में इन 57 सीटों में से 46 सीटें बीजेपी और दो सीटें उसके सहयोगी दलों अपना दल और सुभासपा ने जीती थीं। तब सुभासपा और बीजेपी का गठबंधन था. इस बार सुभासपा और समाजवादी पार्टी (SP) का गठबंधन है। छठवें चरण के 10 जिलों में अंबेडकर नगर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया एवं बलिया जिलों के 57 विधानसभा क्षेत्रों में तीन मार्च को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित दिग्गजों के किस्मत का होगा फैसला

इस चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी किस्मत का भी फैसला होगा जो गोरखपुर की सदर विधानसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार हैं। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे मुख्यमंत्री योगी के निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर में भी मतदान होगा जहां उनके मुकाबले समाजवादी पार्टी से सुभावती शुक्ला और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद समेत कई उम्मीदवार मैदान में हैं।

इसके अलावा अंबेडकरनगर जिले की कटहरी विधानसभा सीट पर बीएसी विधायक दल के नेता रह चुके लालजी वर्मा इस बार सपा के उम्मीदवार के तौर पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, तो इसी जिले की अकबरपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर इस बार सपा के उम्मीदवार हैं।

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छठे चरण में सिद्धार्थनगर जिले की बांसी सीट पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर फिर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं जबकि इसी जिले की इटवा सीट पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सपा उम्मीदवार माता प्रसाद पांडेय का मुकाबला राज्य के बेसिक शिक्षा मंत्री एवं बीजेपी उम्मीदवार सतीश चंद्र द्विवेदी से है। द्विवेदी ने 2017 में पांडेय को पराजित किया था।

कुशीनगर जिले की पड़रौना विधानसभा सीट से पिछली बार बीजेपी से चुनाव जीते और करीब पांच वर्ष तक योगी सरकार में श्रम मंत्री रह चुके स्वामी प्रसाद मौर्य इस बार कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से सपा के उम्मीदवार हैं जहां उनका मुकाबला बीजेपी के सुरेंद्र कुशवाहा से है। कुशीनगर की तमकुहीराज सीट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू चुनाव मैदान में हैं।

राज्य के कृषि मंत्री और बीजेपी उम्मीदवार सूर्य प्रताप शाही का देवरिया जिले की पथरदेवा सीट पर अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी सपा के ब्रह्माशंकर त्रिपाठी से मुकाबला है। इसके अलावा स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री श्रीराम चौहान (खजनी-गोरखपुर) राज्य मंत्री जयप्रकाश निषाद (रुद्रपुर-देवरिया) तथा पत्रकारिता से राजनीति में आए शलभ मणि त्रिपाठी (देवरिया) बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं।

57 सीटों में 11 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित

छठे चरण की 57 सीटों में 11 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इस चरण में कुल 2.14 करोड़ से अधिक मतदाता है। राज्य की 403 विधानसभा सीटों पर सात चरणों में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में अब तक पांच चरणों में 292 सीटों पर मतदान हो चुका है और आखिरी दो चरणों में क्रमश: तीन मार्च और सात मार्च को 111 सीटों पर मतदान होना बाकी है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि छठे चरण के चुनाव के लिए मंगलवार शाम छह बजे के बाद से प्रचार पर प्रभावी रूप से रोक लग गई है और यह रोक छठे चरण का मतदान समाप्त होने अर्थात 48 घंटे तक प्रभावी रहेगी।

उन्होंने बताया कि छठे चरण के मतदान की तैयारी पूरी कर ली गई है और तीन मार्च को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी तरीके से मतदान सम्पन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।

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