Ashneer Grover ने BharatPe बोर्ड पर किया पलटवार, कहा-आरोपों से स्तब्ध हूं, लेकिन सरप्राइज नहीं

BharatPe के पूर्व एमडी Ashneer Grover ने कंपनी के फ्रॉड और फाइनेंशियली गलत काम करने के आरोपों को बकवास करार देते हुए कहा, मेरे लिए सिर्फ मेरे सपने ही बड़े हैं

अपडेटेड Mar 02, 2022 पर 2:18 PM
अशनीर ग्रोवर, फाउंडर, भारतपे

Ashneer Grover : अशनीर ग्रोवर ने बुधवार को भारतपे (BharatPe) के बोर्ड के आरोपों पर तगड़ा पलवार किया। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा उन पर और परिवार पर खुद को “संपन्न बनाने और अपनी लैविश लाइफस्टाइल के लिए पैसा जुटाने के क्रम में” लगाए गए फ्रॉड और फाइनेंशियल गलत कार्यों (financial misdoing) के आरोपों से स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि एक बात जो उनके लिए लैविश (भव्य) हैं, वे उनके सपने हैं।

स्टेटमेंट के पर्सनल नेचर से स्तब्ध हूं

उन्होंने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा, “मैं कंपनी के स्टेटमेंट के पर्सनल नेचर से स्तब्ध हूं, लेकिन मुझे इस पर कोई आश्चर्य नहीं है। ऐसा व्यक्तिगत नफरत और छोटी सोच से ही संभव है।” उन्होंने कहा, “मेरे लिए मेरे सपने और कड़ी मेहनत और प्रयासों के जरिए उन्हें पूरा करने की क्षमता ही लैविश है।”


भारतपे ने लगाए फंड के दुरुपयोग के आरोप

ग्रोवर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए भारतपे (BharatPe) ने आज कहा, “ग्रोवर फैमिली और उनके रिश्तेदार कंपनी के फंड्स के बड़े स्तर पर दुरुपयोग में शामिल थे, जिसमें फेक वेंडर्स तैयार करना शामिल था। इसके जरिये उन्होंने कंपनी के एक्सपेंस अकाउंट से फंड निकाला और खुद को समृद्ध बनाने और अपनी लैविश लाइफस्टाइल में उसका दुरुपयोग किया।”

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कंपनी के पास लीगल एक्शन लेने का अधिकार सुरक्षित

कंपनी ने यह भी कहा कि उसके पास कोफाउंडर के खिलाफ लीगल एक्शन लेने का अधिकार सुरक्षित है, जिन्होंने कल मंगलवार को बोर्ड मीटिंग से पहले मैनेजिंग डायरेक्टर और बोर्ड डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था।

यह बयान 1 मार्च को बोर्ड के सामने रखे गए गवर्नेंस रिव्यू के बाद आया है, जिससे दोनों पक्षों के बीच नई लड़ाई का रास्ता साफ हो गया है। ग्रोवर ने कहा क इनवेस्टर्स ने उन्होंने सीरीज सी, डी और ई राउंड में कुल 1.2 करोड़ डॉलर के सेकेंडरी शेयर खरीदे थे।

लाइफस्टाइल की ‘लेविशनेस’ पर ऑडिट किसने किया : ग्रोवर

उन्होंने गवर्नेंस रिव्यू प्रोसेस की भूमिका में भारतपे (BharatPe) के साथ जुड़ी लीगल कंपनियों और कंसल्टिंग एजेंसियों पर फिर से निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मैं यह भी जानना चाहूंगा कि अमरचंद, पीडब्ल्यूसी (PwC) और एएंडएम (Alvarez and Marsal) में से किसने किसी की लाइफस्टाइल की ‘लेविशनेस’ पर ऑडिट करना शुरू कर दिया है।”

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