UP Second Phase Voting: दूसरे चरण में 25% उम्मीदवारों के खिलाफ दर्ज हैं आपराधिक मामले, टॉप पर समाजवादी पार्टी, पढ़ें ADR की पूरी रिपोर्ट

दूसरे चरण के मतदान के लिए जाने से पहले, ये जानना कि इस चरण में नेताओं पर आपराधिक मामले चल रहे हैं और किस-किसी पार्टी ने कितने ऐसे दागदार नेताओं को मैदान में उतारा है

अपडेटेड Feb 11, 2022 पर 3:12 PM
दूसरे चरण में 25% उम्मीदवारों के खिलाफ दर्ज हैं आपराधिक मामले (FILE PHOTO)

UP Assembly Elections 2022: देश में चुनाव का माहौल अपने चरम पर है। पांच राज्यों की जनता अपनी नई सरकार चुनने के लिए लोकतंत्र के इस महापर्व का हिस्सा बनने जा रही है। इन पांच राज्यों में, 403 विधानसभा सीटों के साथ उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य है। यूपी में पहले चरण का मतदान हो चुका है। 14 फरवरी, सोमवार को 55 विधानसभा सीटों के लिए दूसरे चरण का मतदान होना है।

सभी नेताओं ने चुनावों की तारीखों का ऐलान होने से पहले ही आम लोगों की चौखट पर पहुंच कर वोट की गुहार लगानी शुरू कर दी थी और चुनावों की तारीखों का ऐलान होने तक सभी ने अपने लंबे-चौड़े वादों का पिटारा खोल दिया। हर पार्टी हम और आपके सामने बेहतर कानून-व्यवस्था देने और साफ सुथरी राजनीति का करने की कसमें खाती है, लेकिन इस सच्चाई से पर्दा तभी उठता है, जब ये पता लगता है कि इन पार्टियों ने कितने सही लोगों को और कितने दागदार लोगों को हमारा नेता बनने का उम्मीदवार बनाया है।

इसलिए दूसरे चरण के मतदान के लिए जाने से पहले आप सभी के लिए बेहद जरूरी है, ये जानना कि इस चरण में नेताओं पर आपराधिक मामले चल रहे हैं और किस-किसी पार्टी ने कितने ऐसे दागदार नेताओं को मैदान में उतारा है।


ADR की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के दूसरे चरण में चुनाव लड़ने वाले 586 में से 584 उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया है, जो 55 निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं।

ADR की इस रिपोर्ट से यह सामने आया है कि 584 में से 25% यानी 147 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। गंभीर आपराधिक मामले वाले 19% यानी 113 उम्मीदवार मैदान में हैं।

Assembly Elections 2022 LIVE Updates

उम्मीदवारों की तरफ से घोषित आपराधिक मामले- 584 में से 147 (25%) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

उम्मीदवारों की तरफ से घोषित गंभीर आपराधिक मामले- 113 (19%) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

किस पार्टी के कितने दागदार उम्मीदवार

इस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम समाजवादी पार्टी का है। सपा के 52 उम्मीदवारों में से 35 (67%) ऐसा हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले हैं। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के 54 में से 23 (43% ) उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक केस हैं। वहीं BSP के 55 में से 20 (36%), BJP के 53 में से 18 (34%), RLD के 3 में से 1 (33%) और आम आदमी पार्टी (AAP) के 49 में से 7 (14%) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है।

अब अगर बात करें गंभीर आपराधिका मामलों की तो, इसमें भी सबसे पहले नाम सपा का ही आता है। SP के 52 में से 25 (48%), फिर कांग्रेस के 54 में से 16 (30 %), BSP के 55 में से 15 (27%), BJP के 53 में से 11 (21%), RLD के 3 में से 1 ( 33%) और 49 में से 6 (12%) APP के उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले बताए हैं।

इनमें से 6 उम्मीदवारों ने महिलाओं के ऊपर अत्याचार से जुड़े मामले घोषित किए, जबकि 1 उम्मीदवार ने अपने ऊपर हत्या (IPC-302) से सम्बन्धित मामला घोषित किया है। इसके अलावा 18 उम्मीदवारों ने अपने ऊपर हत्या की कोशिश (IPC-307) से जुड़े मामले घोषित किए हैं।

राजनीतिक दलों ने किया सुप्रीम कोर्ट नर्दिशों का पालन

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में उम्मीदवारों के चयन में राजनीतिक दलों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि उन्होंने के फिर से आपराधिक मामलों वाले लगभग 25 प्रतिशत उम्मीदवारों को टिकट देने की अपनी पुरानी प्रथा का पालन किया है। उत्तर प्रदेश के दूसरे चरण में चुनाव लड़ने वाले सभी प्रमुख दलों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित करने वाले 14 प्रतिशत से 67 प्रतिशत उम्मीदवारों को टिकट दिए है।

सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी, 2020 के अपने निर्देशों में विशेष रूप से राजनीतिक दलों को आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों को चुनने व साफ छवि वाले उम्मीदवारों को टिकट नहीं देने के कारण बताने का निर्देश दिया था। इन अनिवार्य दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे चयन का कारण संबंधित उम्मीदवार की योग्यता, उपलब्धियों और योग्यता के संदर्भ में होना चाहिए।

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