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Wheat Export : गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध जारी रख सकती है सरकार, क्या इलेक्शन पर है पीएम मोदी की नजर?

Wheat Export : गेहूं का रिजर्व इस समय देश में साल 2017 के बाद के निचले स्तर पर आ गया है, जिससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री निर्यात पर रोक को हटाने का जोखिम नहीं लेंगे। एक्सपोर्ट पर रोक जारी रहने से वैश्विक स्तर पर गेहूं की कीमतों में तेजी आ सकती है। उधर, अमेरिका के उत्पादक क्षेत्रों में गर्मी और रूस के हमले के बाद यूक्रेन से सप्लाई में गिरावट का भी असर कीमतों पर दिख सकता है

Curated By: Mohit Parasharअपडेटेड Feb 16, 2023 पर 11:49 AM
Wheat Export : गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध जारी रख सकती है सरकार, क्या इलेक्शन पर है पीएम मोदी की नजर?
Wheat Export : कृषि मंत्रालय और कुछ ट्रेडर्स को उम्मीद है कि इस साल देश का गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड 11.2 करोड़ टन तक पहुंच जाएगा

Wheat Export : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरीबों को महंगाई की मार से बचाने के लिए उनके मूल भोजन यानी गेहू की कीमतों को काबू में रखना पहली प्राथमिकता होगी। यह इसलिए भी ज्यादा अहम है, क्योंकि इस साल के अंत तक कई राज्यों में चुनाव होने हैं और इसके साथ ही 2024 में लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार गेहूं के निर्यात पर रोक को जारी रख सकती है, जो देश की 1.4 अरब की आबादी की खुराक का अहम हिस्सा है और यह फूड सिक्योरिटी (food security) का जरूरी हिस्सा है।

2017 के बाद के निचले स्तर पर गेहूं का स्टॉक

सरकार का गेहूं का स्टॉक गरीबों के फूड प्रोग्राम के लिए सप्लाई में इस्तेमाल होता है। यह भंडार इस समय साल 2017 के बाद के निचले स्तर पर आ गया है, जिससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री निर्यात पर रोक को हटाने का जोखिम नहीं लेंगे। एक्सपोर्ट पर रोक जारी रहने से वैश्विक स्तर पर गेहूं की कीमतों में तेजी आ सकती है। उधर, अमेरिका के उत्पादक क्षेत्रों में गर्मी और रूस के हमले के बाद यूक्रेन से सप्लाई में गिरावट का भी असर कीमतों पर दिख सकता है।

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