1967 में गैर कांग्रेसी दलों ने सात राज्यों में जीत हासिल की थी। विपक्षी दलों का उद्देश्य तब सिर्फ सत्ता पाना नहीं बल्कि कांग्रेस का एकाधिकार तोड़ना था। गैर कांग्रेसी दलों के नेतागण तब यह कह रहे थे कि एकाधिकार मिल जाने के कारण कांग्रेस जन समस्याओं के प्रति लापरवाह हो चुकी है। 1967 के लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस का बहुमत कम हो गया था। और ये मुमकिन हुआ विपक्षी दलों की चुनावी एकता के कारण संभव हुआ।
