'सुलह का फॉर्मूला तैयार' सचिन पायलट के नई पार्टी बनाने से पहले क्या राजस्थान के रण को रोक पाएगी कांग्रेस?

AICC नेता ने हालांकि कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और पायलट दोनों ही फॉर्मूले के बारे में जानते हैं। रंधावा ने संवाददाताओं से कहा, “मैं आपसे यह सुन रहा हूं, मुझे लगता है कि ऐसी कोई बात नहीं है। पायलट के दिमाग में यह पहले नहीं था और अब भी नहीं है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह मीडिया है, जो इस मुद्दे को उठा रहा है

अपडेटेड Jun 07, 2023 पर 5:22 PM
सचिन पायलट के नई पार्टी बनाने से पहले क्या राजस्थान के रण को रोक पाएगी कांग्रेस?

'सुलह का फॉर्मूला तैयार है, लेकिन मैं आपको नहीं बताऊंगा....' ये बात राजस्थान (Rajasthan) के प्रभारी कांग्रेस महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मीडिया से मुस्कुराते हुए कही, जब जयपुर में उनसे असंतुष्ट नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) के एक नई पार्टी बनाने की संभावना के बारे में पूछा गया। AICC नेता ने हालांकि कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और पायलट दोनों ही फॉर्मूले के बारे में जानते हैं।

रंधावा ने संवाददाताओं से कहा, “मैं आपसे यह सुन रहा हूं, मुझे लगता है कि ऐसी कोई बात नहीं है। पायलट के दिमाग में यह पहले नहीं था और अब भी नहीं है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह मीडिया है, जो इस मुद्दे को उठा रहा है।

कांग्रेस नेता ने दोहराया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने हाल ही में दिल्ली में सीएम गहलोत और सचिन पायलट से बात की थी, जिसमें राजस्थान के दोनों नेता "एकजुट होकर काम करने के लिए सहमत हुए।"

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उन्होंने कहा, “मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने दोनों की बात ध्यान से सुनी और दोनों को बताया गया कि वे कांग्रेस की संपत्ति हैं… दोनों ने कहा कि वे साथ काम करेंगे।” रंधावा ने कहा कि 90% मामला सुलझा लिया गया है और बाकी भी कोई मुद्दा नहीं है।

पायलट को जिम्मेदारी देने की पार्टी की योजना पर रंधावा ने कहा, "हम निश्चित तौर पर सबके लिए कुछ करेंगे और नेताओं के कद के हिसाब से जिम्मेदारी तय करेंगे।"

क्या 11 जून को बढ़ेगी कांग्रेस की टेंशन?

2018 में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही गहलोत और उनके पूर्व डिप्टी पायलट सत्ता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पार्टी राज्य में इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दोनों के बीच शांति कायम करने की कोशिश कर रही है।

ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि पायलट 11 जून को दौसा में अपने पिता की 23वीं पुण्यतिथि पर अपनी आगे की राह के बारे में साफ संकेत दे सकते हैं।

कयासों के बीच पायलट ने चुप्पी साध रखी है। हालांकि, उनके करीबी लोगों ने 45 साल के गुर्जर नेता के पार्टी से इस्तीफे के दावों को खारिज कर दिया है।

कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि 11 जून को पायलट की नई पार्टी लॉन्च करने की योजना की खबरें अशोक गहलोत खेमे की तरफ से प्लांट की गई है।

राजस्थान चुनाव से पहले दोनों शीर्ष नेताओं के बीच चल रहा तनाव हाल ही में दिल्ली में हुई कांग्रेस की बैठक में भी देखा जा सकता है।

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