'राजदंड तंत्र' पहलवानों के खिलाफ हुए पुलिस एक्शन की विपक्ष ने की आलोचना, नई संसद के उद्घाटन के जरिए सरकार पर साधा निशाना
रविवार की सुबह जंतर-मंतर पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल हो गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस कर्मियों के बीच जोर आजमाइश देखने को मिली। इस पूरी घटना में पुलिस के एक्शन की राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से लेकर ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) तक ने जमकर आलोचना की और केंद्र की मोदी सरकार को भी निशाना बनाया
पहलवानों के खिलाफ हुए पुलिस एक्शन की विपक्ष ने की आलोचना
नए संसद भवन के उद्घाटन (New Parliament Inaugration) के दौरान जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर प्रदर्शनकारी पहलवानों (Wrestlers) को खदड़ने की पुलिसिया कार्रवाई की विपक्ष के नेता जम कर आलोचना कर रहे हैं। ये पहलवान आज नए संसद भवन की ओर मार्च करने वाले थे और उसके सामने महिला पंचायत (Mahila Panchayat) करने की तैयारी थी। रविवार की सुबह जंतर-मंतर पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस कर्मियों के बीच जोर आजमाइश देखने को मिली। इस पूरी घटना में पुलिस के एक्शन की राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से लेकर ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) तक ने जमकर आलोचना की और केंद्र की मोदी सरकार को भी निशाना बनाया।
इसी कड़ी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला पहलवानों को हिरासत में लिए जाने के बाद रविवार को आरोप लगाया कि ‘राज्याभिषेक’ पूरा होने के बाद ‘अहंकारी राजा’ सड़कों पर जनता की आवाज को कुचल रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद के नए भवन का उद्घाटन किए जाने का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए ट्वीट किया, "राज्याभिषेक पूरा हुआ - 'अहंकारी राजा' सड़कों पर कुचल रहा जनता की आवाज!"
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि सरकार महिला खिलाड़ियों की आवाज को निर्ममता से जूतों के तले रौंद रही है।
प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, "खिलाड़ियों की छाती पर लगे मेडल हमारे देश की शान होते हैं। उन मेडलों से, खिलाड़ियों की मेहनत से देश का मान बढ़ता है। BJP सरकार का अहंकार इतना बढ़ गया है कि सरकार हमारी महिला खिलाड़ियों की आवाजों को निर्ममता के साथ बूटों तले रौंद रही है।"
खिलाड़ियों की छाती पर लगे मेडल हमारे देश की शान होते हैं। उन मेडलों से, खिलाड़ियों की मेहनत से देश का मान बढ़ता है। भाजपा सरकार का अहंकार इतना बढ़ गया है कि सरकार हमारी महिला खिलाड़ियों की आवाजों को निर्ममता के साथ बूटों तले रौंद रही है। ये एकदम गलत है। पूरा देश सरकार के… pic.twitter.com/xjreCELXRN — Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) May 28, 2023
उन्होंने कहा, "ये एकदम गलत है। पूरा देश सरकार के अहंकार और इस अन्याय को देख रहा है।"
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुलिस के व्यवहार की निंदा की। उन्होंने ट्वीट किया, "भारत का नाम ऊंचा करने वाले हमारे खिलाड़ियों के साथ ऐसा व्यवहार बेहद गलत और निंदनीय है।"
देश का मान बढ़ाने वाले हमारे खिलाड़ियों के साथ ऐसा बर्ताव बेहद ग़लत एवं निंदनीय। https://t.co/hoKX2ewlli — Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 28, 2023
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी पहलवानों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और कहा कि "ये शर्मनाक है कि हमारे चैंपियन के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता है।"
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने साक्षी मलिक, विनेश फोगट और अन्य पहलवानों के साथ मारपीट की, उसकी कड़ी निंदा करती हूं। ये शर्मनाक है कि हमारे चैंपियंस के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता है। लोकतंत्र सहिष्णुता में निहित है, लेकिन निरंकुश ताकतें असहिष्णुता और असंतोष को दबाने पर पनपती हैं। मैं मांग करती हूं कि उन्हें पुलिस हिरासत से तुरंत रिहा किया जाए। मैं हमारे पहलवानों के साथ खड़ी हूं।"
Strongly condemn the way Delhi Police manhandled Sakshi Malik, Vinesh Phogat and other wrestlers. It’s shameful our champions are treated in this manner. Democracy lies in tolerance but autocratic forces thrive on intolerance and quelling of dissent. I demand they be immediately… — Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 28, 2023
वहीं वामपंथी दल CPI(M) ने ट्वीट किया, “मोदी सरकार ने आज एक नए संसद भवन का उद्घाटन किया होगा। लेकिन सड़कों पर, इसकी पुलिस ने दिखाया कि ये वास्तव में लोकतंत्र के बारे में क्या सोचती है।”
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने महिला पहलवानों को हिरासत में लिए जाने की तस्वीर शेयर करते हुए कहा, "राजदंड तंत्र।"
दरअसल विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया को दिल्ली पुलिस ने रविवार को सुरक्षा घेरा तोड़कर महिला ‘महापंचायत’ के लिए नए संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश करने के बाद कानून और व्यवस्था के उल्लंघन के लिए हिरासत में ले लिया ।
पहलवानों को जबरदस्ती बसों में बैठाकर अज्ञात स्थल पर भेज दिया गया। पुलिस ने इसके बाद पहलवानों के प्रदर्शन स्थल जंतर मंतर से उनके चारपाई, गद्दे, कूलर, पंखे और तिरपाल आदि सामान को हटा दिया।
देश के शीर्ष पहलवानों ने 23 अप्रैल को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर अपना आंदोलन फिर से शुरू किया था। बृजभूषण पर एक नाबालिग सहित कई महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है।