Rajasthan State: अब गाय को रखने के लिए लाइसेंस लेना होगा। राजस्थान सरकार ने घोषणा की है कि राज्य के शहरी क्षेत्रों की केटेगरी में आने वाले घरों में गाय या भैंस रखने के लिए एक साल का लाइसेंस लेना होगा। गाय को रखने के लिए करीब 100 गज जगह चाहिए होगी। राज्य सरकार ने आगे कहा कि अगर जानवर भटकते पाए गए तो मालिकों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। राज्य सरकार नए निर्देश को नगर निगमों और परिषदों के तहत सभी क्षेत्रों में लागू करेगी।
अब से बिना लाइसेंस के केवल गाय और बछड़े को ही घर में रखने की अनुमति होगी। मवेशियों के लिए अलग से जगह देनी होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गाय रखने के लिए लाइसेंस लेना होगा। आवेदक को यह बताना होगा गाय को रखने के लिए उचित स्वच्छता का ध्यान रखा गया। साथ ही मवेशियों को रखने के लिए जगह की भी जानकारी देनी होगी। सालाना लाइसेंस शुल्क के रूप में 1,000 रुपये देने होंगे। अब जानवरों को मालिक के नाम और नंबर के साथ टैग करना होगा।
साथ ही जिस स्थान पर मवेशियों को रखा जाता है, उस स्थान की स्वच्छता में कोई समझौता होने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही गोबर को नगरपालिका क्षेत्र के बाहर डालना होगा। बिना लाइसेंस के चारा बेचने पर 500 रुपये का जुर्माना लगेगा।
सरकार करना चाहती है ये काम
सरकारी थिंक-टैंक नीति आयोग गोशाला (गोशाला) की अर्थव्यवस्था में सुधार करना चाहती है। नीति आयोग का उद्देश्यों गाय के गोबर को कई व्यावसायिक कामों के लिए सक्षम बनाने के लिए रोडमैप तैयार करना है। इसके सदस्य रमेश चंद ने कहा कि आवारा गायों से जुड़े विभिन्न मुद्दों का हल निकालने पर काम कर रहे हैं, जो अक्सर किसानों के लिए एक दायित्व बन जाता है।
गुजरात सरकार ने भी बनाया नियम
गुजरात राज्य ने भी शहरी क्षेत्रों में गाय रखने के लिए नियम बनाए हैं। गुजरात मवेशी नियंत्रण (Keeping and Moving ) विधेयक, जिसे हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र में पारित किया गया था। इस विधेयक के मुताबिक पशु-पालकों को शहरों और कस्बों में जानवरों को रखने के लिए लाइसेंस लेना होगा। अगर ऐसा नहीं करते तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।