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'जाति पाति पूछे न कोई...' राम मंदिर के 24 पुजारियों में एक OBC और दो SC, जाति नहीं योग्यता से हुआ चुनाव

Ram Mandir Inauguration: इस फैसले के जरिए एक सामाजिक समरसता का उदाहरण भी पेश किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती इस पर स्वामी रामानंद का एक दोहा याद करते हैं, "जाति पाति पूछे न कोई, हरि का भजे सो हरि का होई।" एक तथ्य ये भी है कि इस तरह का चलन ज्यादातर दक्षिण भारत में भी देखने को मिलता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 02, 2024 पर 7:44 PM
'जाति पाति पूछे न कोई...' राम मंदिर के 24 पुजारियों में एक OBC और दो SC, जाति नहीं योग्यता से हुआ चुनाव
'जाति पाति पूछे न कोई...' राम मंदिर के 24 पुजारियों में एक OBC और दो SC, जाति नहीं योग्यता से हुआ चुनाव

Ram Mandir Inauguration: राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Prana Pratishta) किसी त्योहार या पर्व से कम नहीं है। देश और दुनिया में इस भव्य आयोजन का लोगों को बड़ी ही बेसब्री से इंतजार है। इस खास आयोजन के लिए बहुत कुछ खास हो रहा है, लेकिन एक चीज जो इसे सबसे हटकर बनाती है, वो है राम मंदिर में नियुक्त होने वाले पुजारी...और यहां हमारा पुजारियों से मतलब सिर्फ ब्राह्मण से नहीं हैं, आइए इसे समझाते हैं। राम मंदिर के लिए 24 पुजारी नियुक्त होंगे और फिलहाल उनकी ट्रेनिंग भी चल रही है। बड़ी बात ये है कि इसमें तीन पुजारी गैर-ब्राह्मण होंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन 24 पुजारियों का राम मंदिर के लिए सिलेक्शन हुआ है। इनमें से दो अनुसूचित जाति (SC) व एक पिछड़ा वर्ग (OBC) से होंगे। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है, क्योंकि इससे पहले राम मंदिर के मुख्य पुजारी अन्य पिछड़ा वर्ग से थे।

इस फैसले के जरिए एक सामाजिक समरसता का उदाहरण भी पेश किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती इस पर स्वामी रामानंद का एक दोहा याद करते हैं, "जाति पाति पूछे न कोई, हरि का भजे सो हरि का होई..."

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