राम मंदिर: 'एक राजा का गौरव, बच्चे की मासूमियत' कुछ ऐसी होगी 51 इंच ऊंची काले पत्थर से बनी रामलला की मूर्ति

Ram Mandir Inauguration: राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ये भी कहा कि मूर्ति बनाने में इस्तेमाल किया जाने वाला पत्थर दूध और दूसरी वस्तुओं के संपर्क में आने के बाद खराब नहीं होगा। उन्होंने मूर्तिकार की खास कोशिशों पर रोशनी डाली कि राम लला की मूर्ति एक राजा के गौरव, एक बच्चे की मासूमियत और भगवान विष्णु की दिव्यता को दर्शाती है

अपडेटेड Jan 07, 2024 पर 3:38 PM
राम मंदिर: 'एक राजा का गौरव, बच्चे की मासूमियत' कुछ ऐसी होगी 51 इंच की काले पत्थर से बनी रामलला की मूर्ति

Ram Mandir Inauguration: अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर (Ram Mandir) में स्थापित होने वाली रामलला की मूर्ति पांच साल के बालक के रूप में होगी। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मंदिर और उसकी मूर्ति के बारे में जानकारी देते हुए बताया, 51 इंच ऊंची मूर्ति काले पत्थर से बनाई जाएगी और मंदिर की जमीन पर रखी जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि मूर्ति बनाने में इस्तेमाल किया जाने वाला पत्थर दूध और दूसरी वस्तुओं के संपर्क में आने के बाद खराब नहीं होगा।

उन्होंने मूर्तिकार की खास कोशिशों पर रोशनी डाली कि राम लला की मूर्ति एक राजा के गौरव, एक बच्चे की मासूमियत और भगवान विष्णु की दिव्यता को दर्शाती है।

राय ने शनिवार को मीडिया को बताया, “भगवान श्री राम लला की बनी मूर्ति पांच साल के बच्चे के रूप में है। ये प्रतिमा 51 इंच ऊंची है, जो काले पत्थर से बनी है और बहुत ही आकर्षक ढंग से बनाई गई है।"


उन्होंने ये भी कहा कि अयोध्या के मंदिर की जमीन पर भगवान रामलला की मूर्ति रखी जाएगी। वहीं, मंदिर की पहली मंजिल पर सीता और हनुमान के अलावा भगवान राम के भाइयों की मूर्ति लगाई जाएगी।

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हालांकि, मंदिर के उद्घाटन समारोह के बाद पहली मंजिल पर बाकी मूर्तियों की स्थापना के लिए और आठ महीने का समय लगेगा।

'राम लला' की मूर्ति की नक्काशी कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज ने की है। 22 जनवरी को मंदिर में मूर्ति स्थापित की जाएगी। मूर्ति के चयन को लेकर औपचारिक घोषणा का अभी इंतजार है। मूर्ति की पूजा 16 जनवरी से शुरू होगी और मूर्ति स्थापना समारोह 18 जनवरी को होगा।

राय ने मीडियाकर्मियों को ये भी बताया कि भगवान श्री राम की मूर्ति की लंबाई इस तरह तय की गई है कि "चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान सूर्य खुद श्री राम का अभिषेक करेंगे, क्योंकि दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें सीधे उनके माथे पर पड़ेंगी जिससे वह चमक उठेगा।"

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