Ram Mandir: कोई दे रहा लाखों करोड़ों का दान, तो कोई लाया सिर्फ मुट्ठीभर चावल, अपने राम लला के चरणों कुछ न कुछ समर्पित करना चाहते हैं भक्त
Ram Mandir Inauguration: हर कोई राम लला के चरणों में कुछ न कुछ समर्पित करना चाहता है। इस समर्पण में एक मुट्ठी चावल भी हैं और करोड़ों के उपहार भी। जिस तरह से लोग यहां पर दान देने के लिए उतावले हैं, उसको रखना भी एक समस्या है। कोई राम लला के लिए देसी घी ला रहा है, तो कोई अनाज ला रहा है, कोई सब्जी ला रहा है, कोई पानी ला रहा है, कोई सोना-चांदी, हीरे, जवाहरात ला रहा है
Ram Mandir: कोई दे रहा लाखों करोड़ों का दान, तो कोई लाया सिर्फ मुट्ठीभर चावल, अपने राम लला के चरणों कुछ न कुछ समर्पित करना चाहते हैं भक्त
Ram Mandir Inauguration: राजस्थान से आए धर्म सिंह मुट्ठी में कुछ दबाए हुए हैं और कार सेवक पुरम के बाहर सभी से जानना चाहते हैं कि राम लला के लिए वह कोई छोटी सी भेंट लाए हैं, यह किसको दें, ताकि राम लला के चरणों में चली जाए। जब उनसे पूछा जाता है कि क्या देना चाहते हो? वह आंखों में आंसू भर लेते हैं और कहते हैं "मैं क्या दूंगा। देने वाले तो वही हैं। एक छोटा सा समान है, उसे ही अपने आराध्य के चरणों में अर्पित करना चाहता हूं, लेकिन पता नहीं चल पा रहा मैं किसे दूं और किसे नहीं।" उनके साथ आए बाकी लोग भी राम लला के चरणों में कुछ समर्पित करना चाहते हैं। भावनाओं का एक ऐसा तूफान आया है, जिसमें हर कोई बहा चला जा रहा है। यह अद्भुत और आवर्णनीय है।
हर कोई राम लला के चरणों में कुछ न कुछ समर्पित करना चाहता है। इस समर्पण में एक मुट्ठी चावल भी हैं और करोड़ों के उपहार भी। जिस तरह से लोग यहां पर दान देने के लिए उतावले हैं, उसको रखना भी एक समस्या है। कोई राम लला के लिए देसी घी ला रहा है, तो कोई अनाज ला रहा है, कोई सब्जी ला रहा है, कोई पानी ला रहा है, कोई सोना-चांदी, हीरे, जवाहरात ला रहा है। जिसकी जैसी हैसियत उसी हिसाब से राम लला के लिए उपहार लाए हैं। लेकिन भावना सभी की एक है।
राम लला के लिए एक से एक अनोखे उपहार
किसी ने अपने उपहार में पूर्वजों का नाम दर्ज कराया है, तो किसी ने अपना नाम ही उपहार में दर्ज करा रखा है। ज्यादातर ऐसे हैं, जो अपना नाम बताना नहीं चाहते और सिर्फ अपने राम लला को ही चुपचाप भेंट कर देना चाहते हैं। राम जन्मभूमि परिसर में दानदाताओं के लिए काउंटर बने हैं, लेकिन ज्यादातर लोग कार सेवक पुरम में जाकर दान कर रहे हैं।
सीता जी के जन्म स्थान जनकपुर से बड़े पैमाने पर भेंट सामग्री आई है। यही नहीं बिहार के सीतामढ़ी से भी भेंट आई है। वहां के हर घर से लोगों ने दान दिया है। राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आने वाले दिनों में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी संख्या को भोजन और दूसरी व्यवस्था उपलब्ध कराने की योजना बनाई है और अब भी उसके भंडारे चल रहे हैं। जिस बड़े पैमने पर दान आ रहा है, उससे ट्रस्ट इस बात से एकदम निश्चित है कि उसके पास श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में खाने-पीने का समान है।
एक से एक अनोखे उपहार हैं, जो राम लला को भेंट करने के लिए उतावले हैं। कुछ लोग श्रद्धालुओं की सेवा करने के लिए खाने से लेकर पानी तक का इंतजाम कर रहे हैं। इस बीच एक सज्जन परेशान घूम रहे हैं कि उनका 10 लाख पानी की बोतल से भरा ट्रक रोक लिया गया हैं।
तमाम छोटी बड़ी कंपनियां भी मैदान में कूद पड़ी हैं, जो श्रद्धालुओं को मुफ्त में कुछ न कुछ देना चाहती हैं। बहुत से श्रद्धालुओं की श्रद्धा देखकर तो सुदामा की याद आ जाती है कि आखिर जब वह श्री कृष्ण से मिलने गए, तो कुछ मुट्ठी चावल क्यों ले गए। बड़े दान देने वालों की तो कमी नहीं, लेकिन उन लोगों का भाव तो देखते ही बनता है, जो चुपचाप राम लला के चरणों में कुछ न कुछ समर्पित कर देना चाहते हैं।
मथुरा से आए एक श्रद्धालु अपनी भेंट लिखवा देने के लिए उत्सुक है, लेकिन जब उनसे पूछता हूं कि राम लला को क्या समर्पित कर रहे हो? तो वह कहते हैं कि आप क्या करेंगे जान के। कोई जान भी न पाए और जो दिल में है, उसे चुपचाप राम के चरणों में समर्पित कर दें। बड़ा अजब भाव है।
गुजरात से आए एक श्रद्धालु कहते हैं कि मेरे राम लला टेंट में रहे हैं। वे हम सब के समर्पण की परीक्षा ले रहे थे। अब उनके चरणों में सब कुछ समर्पित कर देना चाहता हूं। अमाव मंदिर के ट्रस्टी कुणाल राम लला को सोने का कोदंड देंगे। राम लला के चरणों के लिए चांदी के जूते आए हैं। राजस्थान से 600 किलो देसी घी बैलगाड़ियों से भर कर आया है। गांव से आने वाले भी अपने साथ देसी घी और अपनी छोटी-छोटी भेंट राम लला को समर्पित कर देना चाहते हैं।
एक श्रद्धालू 1000 चांदी के फूल दे गए हैं। बड़ी संख्या में ट्रकों से अनाज उतारा जा रहा है, ये सब दान देने वालों ने ही दिया है। उत्तर प्रदेश के जलेसर से एक श्रद्धालु 2100 किलो का पीतल का घंटा लाए हैं। कहते हैं कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक गूंजेगी। हर कोई उस घंटे को देखना चाहता है। घंटा इतना विशाल कि उसके सामने खड़ा आदमी बौना लगता है।
वृंदावन के गोविंद देव मंदिर के बारे में कहा जाता है कि उसमें एक ऐसा विशाल दीप था, जिसकी लौ इतनी ऊंची होती थी कि कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देती थी, लेकिन अब बड़ोदरा गुजरात के किसान अरविंद भाई मंगल भाई पटेल ने इतना भव्य और दिव्य दीपक बनाया है, जो जब जलाया जाएगा, तो अपना प्रकाश दूर दूर तक फैलाएगा। इस दीपक में 851 किलोग्राम घी डाला जा सकता है। पंच धातु यानि सोने, चांदी, तांबा जस्ता और लोहे से बनाया गया है ये दीपक बहुत ही विशाल है।
अलीगढ़ के एक व्यापारी ने चार कुंटल का ऐसा ताला चाबी ट्रस्ट को दिया है, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। हैरिसन कंपनी ने राम मंदिर के लिए 50 किलो का एक ताला भेंट किया है। सिर्फ घंटा और ताला चाबी ही नहीं एक ऐसी अगरबत्ती भी आई है. जो डेढ़ महीने तक लगातार जलेगी और जिसकी सुगंध पूरे अयोध्या में फैलेगी।
सूरत के हीरा व्यापारी ने 2000 हीरो का एक ऐसा हार राम लला को भेंट किया है, जो अपनी चमक बिखेरेगा। अखिल भारतीय देवघर समाज ने गुजरात में राम मंदिर को एक ऐसा नगाड़ा भेंट किया है, जिसकी धुन दूर तक सुनाई देगी। सोने की परत चढ़ा 56 इंच का नगाड़ा राम मंदिर में स्थापित किया जाएगा। इतना सब के बवजूद राम लला को भेंट देने का सिलसिला जारी है और बड़ी संख्या में लोग उनके चरणों में कुछ न कुछ समर्पित कर देना चाहते हैं।