Ram Mandir Inauguration: अयोध्या (Ayodhya) में 22 जनवरी को होने वाले श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Pran Pratishtha) समारोह को भव्य बनाने की पूरी तैयारी की जा रही है। अयोध्या में राम लला का दिव्य दरबार बनकर लगभग तैयार है। साथ ही राम नगरी को प्रमुख तीर्थस्थल के तौर पर दुनिया के सामने पेश करने के लिए शहर में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं। भगवान श्रीराम का आशीर्वाद लेने लगातार अयोध्या आने वाले श्रद्धालु अपनी पिछली और हालिया यात्राओं में फर्क को अच्छी तरह महसूस कर रहे हैं।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, लता मंगेशकर चौक पर एक पर्यटक रितेश गुप्ता ने कहा, "आप देखेंगे डेवलपमेंट आपको भी फील होता होगा, आप जब पहले विजिट करते होंगे। अभी आप विजिट करने आते, तो अभी लता मंगेशकर चौक आपको हमारे पीछे ही दिख रहा है। इसके अलावा श्रीराम जन्म भूमि, उसका भी निर्माण का काम पूरा हो रहा है।
वे कहते हैं, "आप देखेंगे, तो साथ में हनुमान गढ़ी, कनक मंदिर काफी यहां पर काफी अच्छा फील होता है ऐसा लगता है कि त्रेता युग जैसा ही सारा माहोल है।"
कोलकाता की पर्यटक लता गुप्ता कहती हैं, "मैं पहली बार आई हूं और मैंने यहां का जो माहौल देखा है। इतना बढ़िया माहौल है यहां का कि यहां के लोग भी, ऐसा लगता है कि सच में त्रेता युग है। हमको लगता है कि 22 जनवरी को वास्तविकता में ये एक ऐसी अयोध्या नगरी बनेगी कि जैसे भगवान श्रीराम के जमाने में ही हों। हम उसकी कल्पना कर के अंदर से बहुत उत्साह महसूस कर रहे हैं।"
'अयोध्या राम की है और राम की रहेगी'
अयोध्या में श्रीराम मंदिर की ओर जाने वाली सड़क के दोनों किनारों पर सूर्य स्तंभ यानी खंभे बनाए गए हैं। ये बदले कलेवर में दिख रहे शहर में किए जा रहे बदलाव की एक कड़ी है।
अयोध्या के एक निवासी ने कहा, "पूरी जो अयोध्या मात्र चार किलोमीटर में या पांच किलोमीटर में थी, अब इसी अयोध्या का क्षेत्रफल 20 किलोमीटर हो गया। 20 किलोमीटर में सरकार ने सभी अधिकारियों को लगा कर एक विजन की तरह अयोध्या को डेवलप करने का सपना देखा है। अयोध्या राम की है और राम की रहेगी।"
मंदिरों के शहर में उत्सव जैसा माहौल है। यहां की सड़कें फूलों से सजी हुई हैं और कई जगहों पर सफाई अभियान चल रहा है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के VC विशाल सिंह ने बताया, "स्कन्द पुराण में और वाल्मिकी रामायण में जिस तरह की अयोध्या का डिस्क्रिप्शन दिया गया है, हम लोग कोशिश कर रहे हैं कि जितना उसके करीब पहुंच सके। मॉडर्न एमेनिटीज के साथ साथ, जो भी आर्किटेक्चर है, चाहे वो हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट हो, चाहे रोड का डेवलपमेंट हो, लाइट्स का डेवलपमेंट हो फिक्स्चर हो, बिल्डिंग की डिजाइन हो, हर जगह हर चीज में हम वही थीम फॉलो करते हैं, जो उससे इंस्पायर्ड हैं।"
उन्होंने आगे कहा, कोशिश है कि हम यहां आने वाले जो श्रद्धालू होंगे उनकी जो धार्मिक धारणा और जिस अनुभूति के लिए वो यहां आएंगे वो उनको हम अयोध्या में घुसते ही महसूस करा सकें, ऐसे चीज का पूरा प्रयास किया जा रहा है।"
श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अब तीन हफ्ते से भी कम समय बचा है। ऐसे में शहर में आने वाले राम भक्तों में उत्साह देखते ही बनता है।