बैंकिंग, फाईनेंस और इंश्योरेंश सेक्टर में IT और टेक प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ने वाली है। RBI के दिशा निर्देश पर बैंक साइबर सिक्योरिटी और IT इन्फ्रा मजबूत में जुटे हुए हैं। सीएनबीसी आवाज़ के आलोक प्रियदर्शी की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि बैंकिंग और इंश्योरेंश सेक्टर को लेकर अनुमान है कि वो अपने कुल खर्च का 12 फीसदी से ज्यादा IT और टेक इन्फ्रा मजबूत करने में लगाएंगे।
देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने अगले साल मार्च तक 12000 प्रोबेसनरी ऑफिसर्स की भर्तियां करने का इरादा जताया है जिसमें से 85 फीसदी भर्तियां IT ग्रेजुएट्स की होनी है। स्टाफिंग फर्म्स और हायरिंग एजेंसियां भी फाईनेंशियल सेक्टर में हायरिंग को लेकर बुलिश हैं।
RBI ने फाईनेंशियल सेक्टर में सिक्योरिटी और स्टैबलिटी के लिए रिस्क मैनेजमेंट को प्रायोरिटी बताया है। ऐसे में सबसे ज्यादा नौकरियां साईबर सिक्योरिटी, एडवांस एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग ड्रिवेन सॉल्यूशन और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी में मिलेंगी। हालांकि BFSI सेक्टर में भी ओवरऑल भर्तियों की रफ्तार धीमी हैं लेकिन IT और टेक प्रोफेशनल्स की मांग 6 से 8 फीसदी ग्रोथ की उम्मीद है।
डिजिटल इकोनॉमी के दौर में कॉमन मैन से लेकर देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां साईबर सिक्योरिटी के लिहाज से हमेशा रिस्क पर हैं। जाहिर है फाइनेंशियल सिस्टम में अहम बैंकिंग एंड इंश्योरेंश सेक्टर को इस चुनौती से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर आईटी ग्रेजुएट्स और प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। ताकि वो आरबीआई के रिस्क मैनेजमेंट के पैरामीटर पर अपडेटेड रहें।
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने सोमवार 24 अगस्त को कहा था कि सेंट्रल बैंक लगातार ऐसी पॉलिसी, सिस्टम और प्लेटफॉर्म तैयार करने पर काम कर रहा है जो फाइनेंशियल सेक्टर को मजबूत, जुझारू और कस्टमर फोकस्ड बनाएंगे। ऐसे में डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग में ग्राहकों को और ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही मजबूत डिजिटल सिस्टम से साइबर फ्रॉड के मामलों पर भी लगाम लगेगी।