सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप के दोषी की ओर से फांसी की सजा के खिलाफ दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया। बुधवार को कोर्ट ने दोषी अक्षय कुमार सिंह की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दोषी का गुनाह माफी के लायक नहीं है। कोर्ट ने इस तरह दोषी की फांसी की सजा बरकरार रखी है।
कोर्ट के फैसले के बाद दोषी ने कोर्ट से तीन हफ्ते का टाइम मांगा है, ताकि वो राष्ट्रपति के पास मर्सी पीटिशन यानी दया याचिका भेज सके। दोषी के वकील की ओर से इस मांग पर सॉलीसिटर तुषार मेहता ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि नियम है कि दया याचिका भेजने के लिए दोषी के पास एक हफ्ते का समय दिया जाता है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी दोषी तो तय अवधि में ही याचिका भेजने का वक्त दिया है।
दोषी की याचिका का विरोध करते हुए मेहता ने कहा कि यह गुनाह माननता को शर्मसार करने वाला है। ऐसे केस में दया नहीं दिखाई जा सकती।