आम्रपाली के फ्लैट्स का पजेशन तुरंत शुरू करें नहीं तो जाना होगा जेल: SC

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को कहा है कि अगर पजेशन में देरी होती है अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा

अपडेटेड Aug 13, 2019 पर 7:15 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने 13 अगस्त को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अधिकारियों को आम्रपाली के फ्लैट का पजेशन देने की शुरुआत करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर पजेशन में देरी होती है अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा।

कोर्ट ने जुलाई में नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को निर्देश दिया था कि जो बायर्स फ्लैट में शिफ्ट होना चाहते हैं उन्हें एक महीने के भीतर कंप्लिशन सर्टिफिकेट मुहैया कराना होगा।

जस्टिस मिश्रा ने फ्लैट की रजिस्ट्री जल्दी शुरू करने को कहा है। साथ ही उन्होंने कहा, हम सिर्फ कह नहीं रहे हैं। अगर यह नहीं माना गया तो हम अधिकारियों को जेल भेज सकते हैं। अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट को कहा है कि वे इस नियम को पूरा करने के लिए स्पेशल सेल बना चुके हैं।

करीब 40,000 होमबायर्स पिछले एक दशक से अपने फ्लैट की डिलीवरी का इंतजार कर रहे हैं। इस देरी की वजह से कई बायर्स ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 23 जुलाई सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी कंपनी नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (NBCC) को आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। 

जुलाई के अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि होम बायर्स को फ्लैट में पानी और बिजली मुहैया कराया जाए। इसके बाद इस मामले में 13 अगस्त को सुनवाई हुई. कोर्ट ने NBCC को एग्जिक्यूशन प्लान जमा करने को कहा है कि कैसे वो आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करेगी। NBCC ने नोएडा के Castle और Eden Park प्रोजेक्ट का काम पूरा करने के लिए 7.59 करोड़ करोड़ रुपए की मांग की है। कोर्ट ने कहा है कि वह इस निवेदन पर विचार करेगा। कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अगली सुनवाई के दौरान वह अपना फैसला सुनाएगी।

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