Shraddha Murder Case: श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड (Shraddha Walker Murder Case) में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, दिल्ली पुलिस (Delhi Police) सूत्रों ने बताया कि आरोपी आफताब पूनावाला (Aftab Poonawalla) ने श्रद्धा की पहचान छुपाने के लिए हत्या के बाद उसका चेहरा जला दिया था और ये बात खुद आफताब ने कबूल की है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने कहा कि उसने पहले उसके शरीर के 35 टुकड़े किए और फिर उसके चेहरे को इस तरह जला दिया कि शरीर के अंग मिलने पर भी उसकी पहचान नहीं हो पाती।
सूत्रों ने कहा, "पूछताछ के दौरान, आफताब ने खुलासा किया कि उसने इंटरनेट पर इस सब के बारे में सीखा था और इसमें यह भी बताया गया था कि शव को किसी की पहुंच से कैसे छिपाया जाए।"
श्रद्धा वाल्कर हत्या मामले में एक और लूप में, दिल्ली के दक्षिणी जिला पुलिस ने मानव सिर समेत शरीर के कटे हुए हिस्सों के DNA सैंपल से मिलान करने के लिए पूर्वी दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है। इसे जून में बरामद किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, पूर्वी दिल्ली पुलिस को इस साल जून में राष्ट्रीय राजधानी के पांडव नगर थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुरी इलाके में एक कटा हुआ सिर और हाथ मिला था, जो श्रद्धा की हत्या के लगभग एक महीने बाद हुआ था।
Shraddha Murder Case: DNA टेस्ट के लिए भेजे गए सैंपल
शरीर के ये अंग ऐसे हालत में मिले कि उन्हें देखकर पुलिस के लिए पहचानना मुश्किल हो गया था कि ये किसके शरीर के अंग थे। पूर्वी दिल्ली में मिले शरीर के अंगों को डीएनए टेस्ट (DNA Test) के लिए भेजा गया है और जल्द ही फॉरेंसिक रिपोर्ट आएगी।
महरौली के जंगलों में मिली हड्डियों को भी DNA टेस्ट के लिए भेजा गया है। सूत्रों ने कहा कि पुलिस इन दोनों जगहों पर मिले सभी टुकड़ों की DNA रिपोर्ट का मिलान करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या शरीर के मिले हिस्से श्रद्धा के थे।
दक्षिणी जिला पुलिस ने इस संबंध में पूर्वी जिला पुलिस से संपर्क किया है। पूर्वी जिला पुलिस ने सारी जानकारी दक्षिण जिला पुलिस को सौंप दी है।
सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि श्रद्धा की हत्या कर उसके शरीर के 35 टुकड़े करने के बाद, उसने पहले उन हिस्सों को ठिकाने लगा दिया था, जिनसे तेजी से बदबू आ सकती थी।
सूत्रों ने कहा, "आरोपी आफताब ने पुलिस को बताया कि उसने सबूत नष्ट करने के लिए ब्लीच का इस्तेमाल किया और केमिकल का भी इस्तेमाल किया, ताकि खून का एक भी दाग फर्श पर न रहे।"