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Asian Games 2023: हॉकी टीम ने भारत को दिलाया 22वां गोल्ड, एशियाई खेलों में पहली बार इंडिया के 100 मेडल पक्के

Asian Games 2023: एशियाई खेलों के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारत की झोली में 20 से अधिक गोल्ड मेडल आया है। अब तक, भारत ने महाद्वीपीय आयोजनों में अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ को पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड 22 गोल्ड जीत लिया है। इस साल शूटिंग और एथलेटिक्स इवेंट में भारत चमका है। साल 1951 में भारत ने एशियाई खेलों में कुल 51 मेडल जीतने का रिकॉर्ड बनाया था जिसमें 15 गोल्ड मेडल शामिल थे

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 06, 2023 पर 7:17 PM
Asian Games 2023: हॉकी टीम ने भारत को दिलाया 22वां गोल्ड, एशियाई खेलों में पहली बार इंडिया के 100 मेडल पक्के
Asian Games 2023: एशियाई खेलों के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारत की झोली में 20 से अधिक गोल्ड मेडल आया है (फोटो- सोशल मीडिया)

Hangzhou Asian Games 2023: एशियाई खेलों में भारत ने इस साल रिकॉर्ड उपलब्धि हासिल की है। एशियन गेम्स 2023 में भारत के 100 मेडल पक्के हो गए हैं। भारतीय हॉकी टीम ने शुक्रवार को जापान को 5-1 से हराकर भारत को 22वां गोल्ड मेडल दिलाया। इसके साथ ही हॉकी टीम ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। भारत के अब 22 गोल्ड सहित कुल 95 मेडल हो गए हैं। इसके अलावा 7 अन्य मेडल के साथ 100 के ऐतिहासिक आंकड़े को पार करना भी सुनिश्चित कर लिया है। भारत को कंपाउंड तीरंदाजी में 3, कबड्डी में 2, बैडमिंटन में 1 और पुरुष क्रिकेट में 1 मेडल पक्का हो गया है।

एशियाई खेलों के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारत की झोली में 20 से अधिक गोल्ड मेडल आया है। अब तक, भारत ने महाद्वीपीय आयोजनों में अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ को पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड 22 गोल्ड जीत लिया है। इस साल शूटिंग और एथलेटिक्स इवेंट में भारत चमका है। साल 1951 में भारत ने एशियाई खेलों में कुल 51 मेडल जीतने का रिकॉर्ड बनाया था जिसमें 15 गोल्ड मेडल शामिल थे। इससे पहले 2018 में इस गेम्स में सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 गोल्ड के साथ 70 मेडल अपने नाम किए थे।

ब्रॉन्ज मेडल से हुई सुबह की शुरुआत

रिकर्व महिला टीम द्वारा तीरंदाजी में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ ही शुक्रवार सुबह ही भारत के पदकों की संख्या बढ़ गई थी। बाद में पुरुष रिकर्व टीम मंगोलिया और बांग्लादेश को हराकर फाइनल में पहुंची, जहां कोरिया से हार के बाद उन्हें सिल्वर मेडल से वंचित होना पड़ा। एचएस प्रणय को भी सेमीफाइनल में घरेलू पसंदीदा ली शिफेंग से हारने के बाद ब्रॉन्ज के साथ संतोष करने पड़ा। उन्होंने 1982 के बाद बैडमिंटन में भारत का पहला पुरुष सिंगल व्यक्तिगत एशियाड मेडल जीता था।

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