गृह मंत्रालय (MHA) ने भ्रष्टाचार निवारण कानून (PoC) के तहत एक मामले में दिल्ली के पूर्व जेल मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) के खिलाफ CBI जांच की मंजूरी दी है। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैन मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जेल में हैं। उनपर ठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) को जेल में संरक्षण मुहैया करने के एवज में उससे 10 करोड़ रुपए की जबरन वसूली करने का आरोप है।
जैन के अलावा, तिहाड़ जेल के पूर्व महानिदेशक संदीप गोयल और कुछ दूसरे कर्मचारियों पर दिल्ली की जेलों में बंद हाई-प्रोफाइल कैदियों से जबरन वसूली करने का आरोप है।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि 22 मार्च को जैन के खिलाफ CBI जांच की मंजूरी दी गई, जिसके बाद दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने आगे की उपयुक्त कार्रवाई के लिए फाइल मुख्य सचिव के पास भेज दी।
किस्तों में 10 करोड़ रुपए की जबरन वसूली का आरोप
उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर ने एक शिकायत दायर की थी, जिसके बाद सीबीआई ने विषय की जांच शुरू की थी और पूर्व मंत्री को भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत अभियोजित करने के लिए सक्षम प्राधिकार की मंजूरी मांगी थी।
चंद्रशेखर धन शोधन के एक मामले में तिहाड़ जेल में है। उसने आरोप लगाया है कि जैन ने 2018-21 के दौरान किस्तों में 10 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की।
यह भी आरोप है कि कुछ जेल अधिकारियों ने चंद्रशेखर से 2019-22 के दौरान किस्तों में 12.50 करोड़ रुपए की जबरन वसूली की।
केजरीवाल सरकार में पूर्व गृह मंत्री जैन को मई 2022 में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने गिरफ्तार किया था और वह तिहाड़ जेल में बंद हैं।
इसने जैन को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 2017 में उनके खिलाफ दर्ज CBI FIR के आधार पर गिरफ्तार किया था।