CWG 2022: कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games 2022) में बैडमिंटन (Badminton) में सोमवार का दिन भारत के लिए काफी शानदार रहा। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू (PV Sindhu) ने बैडमिंटन प्रतियोगिता के महिला सिंगल्स में, तो लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) ने पुरुष सिंगल्स का गोल्ड मेडल जीता। जबकि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Ranki Reddy) और चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) की जोड़ी भी पुरुष डबल के फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही।
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने सोमवार को अपनी तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। सात्विक और चिराग की दुनिया की सातवें नंबर की जोड़ी ने पुरुष युगल फाइनल में बेन लेन और सीन वेंडी की इंग्लैंड की दुनिया की 19वें नंबर की जोड़ी को 21-15, 21-13 से हराया।
भारत ने बर्मिंघम खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता में तीन गोल्ड समेत छह मेडल जीत लिए हैं। सोमवार को तीन स्वर्ण से पहले पहले मिक्स टीम के सिल्वर मेडल के अलावा किदांबी श्रीकांत ने पुरुष सिंगल्स, जबकि त्रीशा जॉली और गायत्री गोपचंद की जोड़ी ने महिला डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीते।
कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल के मामले में भारत की हाफ सेंचुरी हो गई है। भारत की झोली में 55 मेडल आ चुके हैं। 18 गोल्ड, 15 सिल्वर और 22 ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत मेडल टैली में भारत पांचवे स्थान पर पहुंच गया है।
राष्ट्रगान बजने पर छलक पड़े आंसू
गोल्ड मेडल जीतने पर सात्विक साईराज रंकीरेड्डी ने कहा, "जब सिंधु जीती तो हमने सोचा कि आज हमारा दिन है। बैडमिंटन प्रेमियों के लिए यह एक अद्भुत दिन रहा है। हम चाहते थे कि हमारा भारतीय ध्वज पहले स्थान पर हो। राष्ट्रगान को सुनकर मेरे आंसू छलक पड़े।"
वहीं चिराग शेट्टी ने कहा, "कोर्ट के बाहर हम बहुत अच्छे दोस्त हैं, जो हमें कोर्ट के अंदर अच्छे से खेलने में मदद करता है और मुझे लगता है कि यह हमारी सफलता का रहस्य है। राष्ट्रगान बजते समय हम दोनों की आंखों में आंसू आ गए थे। वह पल बेहद अनमोल था।"
दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी सिंधू ने दुनिया की 13वें नंबर की कनाडा की मिशेल ली को 21-15, 21-13 से हराकर 2014 ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में उनके खिलाफ मिली हार का बदला भी चुकता कर दिया। सिंधू ने 2014 में कांस्य पदक जीता था जबकि मिशेल स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं थी।
दो युवा खिलाड़ियों के बीच हुए पुरुष सिंगल्स फाइनल में दुनिया के 10वें नंबर के खिलाड़ी और विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता लक्ष्य सेन ने पहला गेम गंवाने के बाद जोरदार वापसी की।
सेन मलेशिया के दुनिया के 42वें नंबर के खिलाड़ी एनजी टीजे योंग को 19-21, 21-9, 21-16 से हराकर राष्ट्रमंडल खेलों में डेब्यू करते हुए स्वर्ण पदक जीता। 22 साल के योंग के खिलाफ 20 साल के लक्ष्य की यह लगातार तीसरी जीत है।