ICC की महिला कर्मचारी ने लगाया ऑफिस में उत्पीड़न का आरोप, टॉप अधिकारियों को लिखा पत्र, फिर भी नहीं हुई कोई कार्रवाई

कर्मचारी को सुरक्षा का डर था और उसने अपनी शिकायत लिखकर ICC के शीर्ष अधिकारी को ईमेल करने के बजाय व्यक्तिगत रूप से सौंपने का फैसला किया। ICC के इस सूत्र ने बताया, "उसे डर था कि उसके ईमेल को ICC के प्रभावशाली लोग ट्रैक कर सकते हैं। इसलिए उसने पुराने तरीके अपनाए। पूरी शिकायत A4 साइज के एक कागज पर टाइप और प्रिंट की गई और व्यक्तिगत रूप से एक वरिष्ठ ICC अधिकारी को सौंपी गई

अपडेटेड Sep 06, 2023 पर 3:15 PM
ICC में महिला कर्मचारी ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की ऑफिस में एक महिला कर्मचारी (Women Employee) के साथ कथित तौर पर उत्पीड़न (Harassment) के मामला सामने आया है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की एक महिला कर्मचारी ने वर्कप्लेस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है, लेकिन वैश्विक क्रिकेट संस्था के शीर्ष अधिकारियों ने अभी तक इस पर कार्रवाई नहीं की है। News18 CricketNext ने अपने एक रिपोर्ट में विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया कि कर्मचारी को सुरक्षा का डर था और उसने अपनी शिकायत लिखकर ICC के शीर्ष अधिकारी को ईमेल करने के बजाय व्यक्तिगत रूप से सौंपने का फैसला किया।

ICC के इस सूत्र ने बताया, "उसे डर था कि उसके ईमेल को ICC के प्रभावशाली लोग ट्रैक कर सकते हैं। इसलिए उसने पुराने तरीके अपनाए। पूरी शिकायत A4 साइज के एक कागज पर टाइप और प्रिंट की गई और व्यक्तिगत रूप से एक वरिष्ठ ICC अधिकारी को सौंपी गई।"

चौंकाने वाली बात ये है कि ICC के चेयरमैन और CEO समेत एक भी अधिकारी ने पीड़िता की शकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया। आज तक, ICC की लीगल टीम के साथ सिर्फ ईमेल आदान-प्रदान के अलावा, गवर्निंग बॉडी के किसी भी व्यक्ति ने इस महिला कर्मचारी की शिकायत को सुना तक नहीं।


महिला कर्मचारी ने अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर ICC में काम करने में काफी समय बिताया था। शिकायत में बताया गया कि वरिष्ठ ICC अधिकारी की तरफ से कथित "उत्पीड़न" 2021 के T20 विश्व कप (T20 World Cup 2021) से पहले शुरू हुआ था, जो संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था। दुबई में हेडक्वार्टर में काम करते हुए, कर्मचारी ने सारी उम्मीदें खोने और विकल्पों से बाहर निकलने से पहले कई दरवाजे खटखटाए।

सूत्रों ने आगे कहा, “कर्मचारी ICC में नई नहीं थी। उन्होंने काफी समय तक काम किया है और UAE में T20 विश्व कप से पहले एक प्रोजेक्ट पर भी काम किया है। काम में लगातार हस्तक्षेप और फिर कई रिमाइंडर या ईमेल या पत्रों का कोई जवाब नहीं देने से उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ, क्योंकि ICC में किसी ने भी उनके साथ कभी बातचीत नहीं की।”

कई रिमाइंडर्स और ICC के अलग-अलग वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के अलग-अलग तरीकों के बावजूद, कथित तौर पर कोई प्रगति नहीं हुई। फिर भी उस महिला कर्मचारी ने हारे न मानते हुए लड़ना जारी रखा।

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सूत्र ने बताया कि जिस ICC अधिकारी के खिलाफ शिकायत की गई थी, उसके खिलाफ पहले से ही कथित तौर पर सहकर्मियों को परेशान करने की कई शिकायतें थीं।

सूत्र शिकायत पर ट्रैक करते हुए बोले, "इतनी बड़ी संस्था और खासकर वरिष्ठ नेतृत्व में शामिल लोगों के खिलाफ लड़ना उनके लिए हमेशा मुश्किल होता जा रहा था। तब ICC में होने वाली घटनाओं से भविष्य के पेशेवर अवसरों के प्रभावित होने का डर हमेशा बना रहता था। ये कोई पहला मौक नही है, जब किसी ने ICC अधिकारी के खिलाफ आवाज उठाई है।"

CricketNext को पता चला है कि इस बारे में दो बहुत सीनियर ICC अधिकारियों से भी बातचीत के लिए संपर्क किया गया था। ये दोनों अधिकारी टॉप मैनेजमेंट का हिस्सा भी हैं। फिर भी न तो कोई बातचीत हुई है और न ही आरोपों की जांच के लिए कोई कमेटी बनाई गई।

उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर, इंटीग्रिटी और फिर सेफगार्डिंग टैब के तहत, ICC के मैसेज में कहा गया, "क्रिकेट में शामिल हर एक व्यक्ति को उत्पीड़न, दुर्व्यवहार और नुकसान से संरक्षित होने का अधिकार है।" क्रिकेट के लिए अंतरराष्ट्रीय शासी निकाय के रूप में, ICC सभी प्रतिभागियों के लिए एक सुरक्षित और संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

News18 CricketNext ने प्रतिक्रिया के लिए ICC से संपर्क किया और अभी तक कोई अपडेट नहीं मिला है।

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