FIFA World Cup 2022: फुटबॉल के सबसे बडे महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप 2022 (FIFA World Cup 2022) खेल 20 नवंबर को कतर देश में बेहद जोश और उमंग के साथ शुरू हो चुका है। पूरी दुनिया में फुटबॉल खेल प्रेमियों का तादात लाखों नहीं बल्कि करोड़ों में है। फुटबॉल के इस फीफा वर्ल्ड कप 2022 में भारत देश के खिलाड़ी तो नहीं खेल रहे हैं। लेकिन इस खेल का कनेक्शन इस बार उत्तरप्रदेश से सीधे जुड़ा हुआ है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर कैसा कनेक्शन? हम आपको यह कनेक्शन भी बता रहे हैं। दरअसल, वर्ल्ड कप 2022 में विजेता और उपविजेता टीम और खिलाड़ियों को दिए जाने वाले कप और बॉक्स का डिजाइन आगरा में तैयार किया गया है।
कुल मिलाकर कह सकते हैं कि आगरा की हस्तशिल्प कारीगरी और पच्चीकारी नक्कासी पर दुनिया के कई देशों में काफी मांग है। ताजमहल की खूबसूरती को चार -चांद लगाने में इस कला का बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मिला ट्रॉफी बनाने का ऑर्डर
अदनान ने बताया कि उन्हें फीफा वर्ल्ड कप 2022 के लिए विशेष टॉफी और उसके बॉक्स बनाने का काम मिला है। फीफा कप से संबंधित ट्रॉफी, गिफ्ट बॉक्स को बनाने के लिए आगरा की कंपनी को सेलेक्ट किया गया है। ऐसे में वर्ल्डकप की ट्रॉफी बनाई जा रही है। इस ट्रॉफी को बनाने में बेहद कीमती रत्नों और गोल्ड का काम किया गया है। कप को बनाने के लिए नेचुरल सेमी प्रेसिसियस स्टोन से तैयार किया गया है। इस स्टोन का नाम - प्राकृतिक लैपिस लाजुली रत्न (Lapis Lazuli ) है। इसके ऊपर कांस्य (bronze ) से काम किया हुआ है। इसके साथ ही उसके ऊपर 24 कैरेट गोल्ड (Gold platinum ) के प्लेटिंग की गई है। वहीं खिलाड़ियों वाले गिफ्ट बॉक्स का वजन करीब 22 किलोग्राम है। इस बॉक्स को बनाने में करीब 2 महीने लगे हैं। इसको आर्टिसन के जरिए तैयार किया गया है। इसके अंदर हाथों की कारीगरी का काम किया गया है।
अदनान ने बताया कि इस बॉक्स को कतर ने डिजाइन किया है। इसे अफ्रीका और यूरोपीय देशों के अधिकारियों ने मंजूरी दी है। इसके बाद इस बॉक्स को उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित Adziran कंपनी ने बनाया है। Adziran कंपनी के मालिक अदनान शेख का कहना है कि ये हमारे देश और उत्तर प्रदेश के लिए बहुत खुशी की बात है की यहां कारीगरी को विदेशों में सराहना मिल रही है।
आगरा की बेहद चर्चित हस्तशिल्प कला पच्चीकारी नक्कासी के लिए भारत सहित कई अन्य देशों में काफी चर्चा अक्सर होती रहती है। ताजमहल की खूबसूरती को चार -चांद लगाने में इस कला का बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लिहाजा ये पच्चीकारी नक्कासी विदेशों से आने वाले पर्यटक को ये हमेशा बेहद लुभाता रहा है। उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra, Uttar pradesh ) के रहने वाले कारोबारी अदनान शेख (Adnan Sheikh ) का कहना है कि हस्तशिल्प कारोबार और विशेष तौर पर पच्चीकारी नक्कासी में उसके खानदान के कई परिवार कई पीढ़ियों से इस कारोबार में जुटे हुए हैं। समय के साथ साथ इस कला को हमलोग और ज्यादा निखारने की कोशिश कर रहे हैं। कई दशकों पुरानी इस कला को आज के मॉडर्न जमाने में उसकी पुरानी खूबसूरती के साथ उसे देश -विदेश तक पहुंचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
नई दिल्ली से शंकर आनंद की रिपोर्ट