टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ऑस्ट्रेलिया में कमाल प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन इसी दौरान उन पर एक ऐसा हमला हुआ है। जिसकी उम्मीद किसी ने नहीं की होगी। गाबा टेस्ट के दूसरे दिन इंग्लैंड की पूर्व क्रिकेटर और फॉक्स स्पोर्ट्स की कमेंटेटर ईसा गुहा ने उन पर नस्लीय टिप्पणी कर दी। इसके बाद बवाल मच गया। मामले के गंभीर होते ही ईसा गुहा ने माफी मांग ली। ईसा गुहा ने बुमराह के लिए 'प्राइमेट' शब्द का इस्तेमाल किया था। जिसका हिन्दी में अर्थ 'नरवानर' होता है। वानर के संदर्भ में किए गए इस कमेन्ट के चलते सालों पुराना 'मंकी गेट स्कैंडल' फिर चर्चाओं में आ गया है।
ईशा गुहा ने लाइव टीवी पर आकर माफी मांगी। ईशा ने कहा कि कल कमेंट्री में मैंने एक ऐसे शब्द का इस्तेमाल किया। जिसका कई अलग-अलग तरीकों से अर्थ लगाया जा रहा है। मैंने जो कहा उसका गलत मतलब निकाला जा रहा है। मैं उसके लिए माफी मांगती हूं। उन्होंने कहा कि मेरा इरादा किसी को आहत करना नहीं है।
ईसा गुहा इंग्लैंड की पूर्व तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने सिर्फ 16 साल की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। दाएं हाथ की इस तेज गेंदबाज ने इंग्लैंड के लिए 8 टेस्ट में 29 विकेट हासिल किए। इसके साथ ही वनडे में उनके नाम 83 वनडे में 101 विकेट हैं। वो टी20 में भी 18 विकेट लेने मे कामयाब रहीं। ईसा गुहा मौजूदा दौर में सबसे बेहतरीन महिला कमेंटेटर में से एक हैं। वो दुनियाभर की हर बड़ी लीग और सीरीज में कमेंट्री करती नजर आती हैं। आईसीसी टूर्नामेंट्स में भी उनकी मौजूदगी रहती है। कुल मिलाकर वो बेहद ही अनुभवी कमेंटेटर हैं लेकिन इसके बावजूद उन्होंने बुमराह पर ऐसी टिप्पणी की जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी पड़ी।
'प्राइमेट' शब्द का अर्थ बड़े दिमाग वाले नरवानर के रूप में देखा जाता है। यह विवाद का कारण इसलिए बन गया क्योंकि 'वानर' का जिक्र होते ही साल 2008 में घटित हुए 'मंकीगेट स्कैंडल' की यादें ताजा हो गई हैं। दरअसल साल 2008 में सिडनी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच खेला जा रहा था। उस समय भारत के दिग्गज स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह पर आरोप लगे थे कि उन्होंने एंड्रयू साइमंड्स को 'मंकी' कहकर संबोधित किया था। नियमों का उल्लंघन करने के चलते हरभजन सिंह पर उस समय तीन मैचों का सस्पेंशन ठोका गया था।