Lovlina Borgohain: CWG 2022 से पहले बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने लगाया 'मानसिक उत्पीड़न' का आरोप,बोलीं- 'राजनीति' से तैयारी पर पड़ा असर
Lovlina Borgohain: भारतीय मुक्केबाजी टीम रविवार रात आयरलैंड में प्रैक्टिस कैंप के बाद यहां खेल गांव पहुंची, लेकिन लवलीना की निजी कोच संध्या गुरुंग खेलगांव में प्रवेश नहीं कर सकीं
MoneyControl News
अपडेटेड Jul 25, 2022 पर 9:16 PM
बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने लगाया मानसिक उत्पीड़न का आरोप
ओलंपिक कांस्य पदक (Bronze Medal) विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने सोमवार को आरोप लगाया कि उनके कोच को अधिकारियों से ‘लगातार उत्पीड़न’ का सामना करना पड़ रहा है, जिससे राष्ट्रमंडल खेलों (Common Wealth Games 2022) की उनकी तैयारियों में बाधा आ रही है।
भारतीय मुक्केबाजी टीम रविवार रात आयरलैंड में प्रैक्टिस कैंप के बाद यहां खेल गांव पहुंची, लेकिन लवलीना की निजी कोच संध्या गुरुंग खेलगांव में प्रवेश नहीं कर सकीं, क्योंकि उनके पास एक्रीडिटेशन (मान्यता) नहीं था।
लवलीना शायद राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान अपने निजी कोच अमेय कोलेकर को अपने साथ रखना चाहती थीं, लेकिन वह भारतीय दल की लंबी लिस्ट में शामिल नहीं थे। उन्होंने ट्विटर पर एक लंबे पोस्ट में अपनी पीड़ा शेयर की।
उन्होंने ट्वीट किया, "आज मैं बहुत दुख के साथ कह रही हूं कि मुझे (मानसिक तौर पर) प्रताड़ित किया जा रहा है। ओलंपिक में पदक लाने में मेरी मदद करने वाले कोच को मेरे अभ्यास और प्रतियोगिता के समय हर बार हटाकर मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है।"
उन्होंने लिखा, "इनमें से एक कोच संध्या गुरुंग द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता भी है। मेरे दोनों कोच को शिविर में अभ्यास के लिए हजार बार हाथ जोड़ने के बाद बहुत देरी से शामिल किया जाता है। इससे मुझे अभ्यास में बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। और मानसिक प्रताड़ना तो होती ही है।"
ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल विजेता ने कहा, "अभी मेरी कोच संध्या गुरुंग राष्ट्रमंडल खेल गांव के बाहर है। उन्हें प्रवेश नहीं मिल रहा है। इससे मेरा अभ्यास खेल से ठीक आठ दिन पहले रुक गया है। मेरे दूसरे कोच को भी भारत वापस भेज दिया गया है।"
लवलीना ने आरोप लगाया कि विश्व चैम्पियनशिप (इस्तांबुल) से पहले भी उनके साथ ऐसा ही बर्ताव हुआ था। उन्हें डर है कि बर्मिंघम में भी उनके साथ ऐसा होगा।
उन्होंने कहा, "मेरी इतनी गुजारिश करने के बाद भी ये हुआ है, इसने मुझे मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं खेल पर कैसे ध्यान दूं। इसी वजह से पिछली विश्व चैम्पियनशिप में मेरा प्रदर्शन खराब रहा था। इस राजनीति के चलते मैं राष्ट्रमंडल खेल में अपना प्रदर्शन खराब नहीं करना चाहती हूं।"
उन्होंने लिखा, "आशा करती हूं कि मैं अपने देश के लिए इस राजनीति को तोड़ कर पदक ला पाऊं। जय हिंद।"
प्राधिकरण का जवाब
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) ने कहा कि एक्रीडिटेशन प्रोसेस का मैनेजमेंट भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की तरफ से किया जा रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।
BFI सचिव हेमंत कलिता ने PTI से कहा, "IOA और BFI लगातार संध्या का एक्रीडिटेशन प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं। यह IOA के हाथ में है, लेकिन आज या कल तक आ जाएगा।"
उन्होंने कहा, "हमने पहले सभी नाम दिए थे, लेकिन एक कोटा प्रणाली है। क्वालीफाई करने वाले एथलीटों की संख्या के आधार पर 25 प्रतिशत कोटा है। इसलिए हमारे पास चार अधिकारी थे, जिनमें कोच, चिकित्सक आदि शामिल है।"
उन्होंने कहा, "हमने IOA से कोटा बढ़ाकर आठ करने की मांग की है। इसमें चार खेल गांव के अंदर रहेंगे और चार बाहर। चार कोच दिन में खिलाड़ियों के साथ समय बिताकर रात में खेल गांव से बाहर निकल जाएंगे।"
इस बीच भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने कहा कि वह मामले का सही तरह से समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।
SAI ने कहा, "SAI ने मामले को BFI के सामने उठाया है। खेल मंत्रालय IOA से बात कर मामले को सुलझाने और लवलीना को सर्वश्रेष्ठ तैयारी करने में मदद सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। वह इन खेलों में पदक की मजबूत दावेदार है।"
टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और राष्ट्रमंडल खेलों 2022 पदक की उम्मीद में भारत की मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने बर्मिंघम में होने वाले चतुष्कोणीय आयोजन (Quadrangle Event) से कुछ दिन पहले मानसिक उत्पीड़न के कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं।