Covid-19 की दवा बनाने वाली कंपनी में Novak Djokovic की है 80% हिस्सेदारी, सीईओ ने किया खुलासा

Covid-19 वैक्सीन नहीं लगवाने को लेकर 9 बार के चैम्पियन नोवाक जोकोविच को ऑस्ट्रेलिया से निर्वासित होना पड़ा

अपडेटेड Jan 20, 2022 पर 11:32 AM
Novak Djokovic एक मेडिकल कंपनी के सह-संस्थापक हैं और उनके पास इसकी 80% शेयर हैं

पिछले कई सालों से अपने बेहतरीन प्रदर्शन से टेनिस जगत पर अपना एकछत्र साम्राज्य स्थापित करने वाले विश्व के श्रेष्ठतम खिलाड़ियों में से एक सर्बिया के नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) इन दिनों एक अलग वजह से चर्चा में हैं। कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाने को लेकर ऑस्ट्रेलिया से निर्वासित होने वाले 9 बार के चैम्पियन नोवाक जोकोविच को लेकर अब एक नया खुलासा हुआ है। डेनिश कंपनी के सीईओ ने बुधवार को कहा कि सर्बियाई टेनिस स्टार कोविड की दवा तैयार कर रही एक बायोटेक फर्म के सह-संस्थापक और मेजोरिटी शेयरहोल्डर हैं।

क्वांटबियोरेस (QuantBioRes) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) इवान लोनकारेविक ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि वह मेरी कंपनी के संस्थापकों में से एक हैं, जिसकी स्थापना हमने जून 2020 में की थी। डेनिश व्यापार रजिस्टर में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 34 वर्षीय जोकोविच और उनकी पत्नी जेलेना जोकोविच, क्वांटबियोरेस में 80 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखते हैं, जो डेनमार्क, स्लोवेनिया, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन में लगभग 20 के कर्मचारियों को रोजगार देता है।

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लोनकारविच ने कहा कि हमारा लक्ष्य कोरोना वायरस और रेजिजटेंट बैक्टीरिया से लड़ने के लिए एक टेक्नोलॉजी विकसित करना का है और हमने कोविड को शोकेस के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अगर हम सफल होते हैं, तो हम अन्य वायरस के साथ भी सफल होंगे। अधिकारी ने बताया कि क्वांटबियोरेस गर्मियों में ब्रिटेन में क्लीनिकल ट्रायल की शुरुआत करने की योजना बना रहा है।

वैक्सीन नहीं लगवाने के कारण छोड़ना पड़ा ऑस्ट्रेलिया

बता दें कि हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने जोकोविच को वापस भेज दिया। जोकोविच ने कोविड वैक्सीन नहीं लगवाई है और ऑस्ट्रेलिया में बिना पूरी डोज लिए आने की इजाजत नहीं है। ऐस में ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मंत्री ने विशेष शक्तियों के तहत उनका वीजा रद्द कर दिया जिसके बाद उन्हें देश छोड़ना पड़ा। करीब 10 दिन तक चली कानूनी मशक्कत के बाद दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी ने आखिरकार ऑस्ट्रेलिया को विदा कह दिया।

साल के पहले ग्रैंडस्लैम आस्ट्रेलियाई ओपन में भाग लेने के लिए पहली वरीयता प्राप्त जोकोविच 5 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे तो कोरोना वैक्सीन न लगवाने के कारण उनका वीजा रद्द कर दिया गया और उन्हें एक डिटेंशन सेंटर में रोक लिया गया। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने इस संबंध में जोकोविच की दलीलों को स्वीकार करते हुए सरकार के वीजा रद्द करने के फैसले को खारिज करके जोकोविच के इस टूर्नामेंट में खेलने की उम्मीद को बरकरार रखा था, लेकिन सरकार ने दूसरी बार उनका वीजा रद्द करके इस संभावना को समाप्त कर दिया।

इसके बाद दुनिया के नंबर एक पुरुष टेनिस खिलाड़ी ने ऊपरी अदालत में भी कानूनी लड़ाई हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया से बाहर का रुख किया। फेडरल कोर्ट के तीन जजों ने जोकोविच की वीजा बहाल करने की अपील नामंजूर कर दी और उन्हें आखिरकार ऑस्ट्रेलिया छोड़ना पड़ा। वह दुबई के रास्ते अपने देश सर्बिया पहुंचे। इस फैसले के साथ ही साल के पहले ग्रैंडस्लैम में खेलने और 21वें खिताब की दावेदारी से चूक गए।

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