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भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा का एक और कारनामा, नॉर्वे चेस चैंपियनशिप में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी फैबियानो कारूआना को हराया

प्रज्ञानानंदा ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के खिलाफ पहली बार क्लासिकल बाजी में जीत दर्ज करते हुए नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में एकल बढ़त बनाई थी। हालांकि वह चौथे दौर में अमेरिका के हिकारू नाकामुरा से हार गए थे। प्रज्ञानानंदा की बहन आर वैशाली भी महिला वर्ग में शीर्ष पर चल रही हैं। चौथे दौर में उन्होंने स्वीडन की अनुभवी ग्रैंडमास्टर पिया क्रैमलिंग को हराया था

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jun 02, 2024 पर 10:04 AM
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा का एक और कारनामा, नॉर्वे चेस चैंपियनशिप में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी फैबियानो कारूआना को हराया
क्लासिकल शतरंज को धीमे शतरंज के रूप में भी जाना जाता है।

शतरंज के महारथी भारत के आर प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता में 2 जून को क्लासिकल शतरंज में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी फैबियानो कारूआना को हरा दिया। इससे पहले भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के खिलाफ पहली बार क्लासिकल बाजी में जीत दर्ज करते हुए नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में एकल बढ़त बनाई थी। हालांकि वह चौथे दौर में अमेरिका के हिकारू नाकामुरा से हार गए थे।

लेकिन 2 जून को वापसी करते हुए प्रतियोगिता के 5वें राउंड में उन्होंने कारूआना को हरा दिया। इसके साथ ही उन्होंने पहली बार क्वासिकल शतरंज में दुनिया के टॉप 2 प्लेयर्स को हराया है। 18 साल के प्रज्ञानानंदा (R Praggnanandhaa) पिछले विश्व कप फाइनल में नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन से हार गए थे।

क्या है क्लासिकल शतरंज

क्लासिकल शतरंज को धीमे शतरंज के रूप में भी जाना जाता है और इसमें खिलाड़ी को चाल चलने के लिए पर्याप्त समय मिलता है। आम तौर पर एक खिलाड़ी के पास कम से कम एक घंटे का समय होता है।

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