Sagar Dhankar murder case: दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी के छत्रसाल स्टेडियम में पूर्व जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ की हत्या से संबंधित मामले में पहलवान सुशील कुमार को मंगलवार (4 मार्च) को जमानत दे दी। कोर्ट ने ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार को सागर धनखड़ हत्या मामले में साढ़े तीन साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद नियमित जमानत दी है। जस्टिस संजीव नरूला ने कुमार को राहत प्रदान की। कोर्ट ने उन्हें 50,000 रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि की दो जमानतें भरने का निर्देश दिया।
बीजिंग और लंदन ओलंपिक में मेडल जीतने वाले सुशील कुमार पर दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में 23 वर्षीय धनखड़ की हत्या का आरोप लगाया गया है। कुमार को 23 मई, 2021 को गिरफ्तार किया गया था। सुशील कुमार और अन्य पर मई 2021 में कथित संपत्ति विवाद को लेकर धनखड़ और उनके दोस्तों पर जानलेवा हमला करने का आरोप है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, धनखड़ के सिर को किसी वस्तु के प्रहार से चोट पहुंची थी। सुशील कुमार अन्य आरोपियों के साथ जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मुकदमे का सामना कर रहे हैं। सागर को 4 मई, 2021 को छत्रसाल स्टेडियम में कथित तौर पर पीटा गया था। बाद में धनखड़ की मौत हो गई।
सुशील कुमार की ओर से पेश वकील आर के मलिक ने कहा कि कुमार पिछले साढ़े तीन साल से जेल में हैं। अभियोजन पक्ष ने 200 गवाहों का हवाला दिया है। जबकि अब तक केवल 31 की ही गवाही हुई है। अभियोजन पक्ष ने जहां इस याचिका का विरोध किया। वहीं मलिक ने दलील दी कि मुकदमा पूरा होने में लंबा समय लगेगा। ऐसे में कुमार को देरी के आधार पर राहत दी जानी चाहिए।
अदालत का विस्तृत आदेश अभी अपलोड होना बाकी है। इससे पहले कुमार को घुटने की सर्जरी के लिए जुलाई 2023 में सात दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी। सुशील कुमार का एथलेटिक करियर शानदार रहा है। उन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक और 2012 लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीता था। इससे वह भारत के सबसे सफल एथलीटों में से एक बन गए।
दिल्ली पुलिस ने अपने आरोपपत्र में कहा है कि सुशील कुमार ने पिछले साल धनखड़ की हत्या की थी क्योंकि उसके अहंकार को उसकी घटती ताकत की अफवाहों से ठेस पहुंची थी। वह युवा एथलीटों के बीच अपना दबदबा फिर से स्थापित करना चाहते थे। कुमार के वकीलों ने दिल्ली पुलिस के आरोपों का खंडन किया है।