दिल्ली (Delhi) की एक अदालत ने बुधवार को पहलवान सुशील कुमार (Wrestler Sushil Kumar) को घुटने की सर्जरी (Knee Surgery) के लिए एक हफ्ते की अंतरिम जमानत (Interim Bail) दे दी। कुमार और दूसरे आरोपियों के खिलाफ जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की हत्या मामले में मुकदमा चल रहा है। एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (ACL) के एंटेरोमेडियल बंडल के फटने के कारण आरोपी सुशील कुमार की सर्जरी के आधार पर अंतरिम जमानत याचिका दायर की गई थी। ये सर्जरी 26.07.2023 को होनी है।
रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार ने बुधवार को इस सर्जरी के लिए सुशील कुमार को 23 जुलाई से 30 जुलाई तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी।
अंतरिम जमानत एक लाख रुपए की जमानत राशि और इतनी ही राशि की दो जमानत राशि देने पर दी गई है। अदालत ने सुशील कुमार को सर्जरी के बाद 30 जुलाई को जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है।
अदालत ने गवाहों पर खतरे की आशंका और एक कारण के मद्देनजर अंतरिम जमानत के दौरान आरोपियों पर निगरानी रखने के लिए चौबीसों घंटे दो सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों का खर्च आरोपी का परिवार उठाएगा।
जेल अधिकारियों और जांच अधिकारी की तरफ से दायर मेडिकल रिपोर्ट पर विचार करने के बाद अदालत ने सुशील कुमार को राहत दी।
अदालत ने आदेश में कहा कि आरोपी सुशील कुमार के मेडिकल दस्तावेजों के अवलोकन से पता चलता है कि उन्हें 24.07.2023 को भर्ती होने की सलाह दी गई है, क्योंकि सर्जरी 26.07.2023 को नई दिल्ली के बीएलके मैक्स सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में है।
सुशील कुमार के आरएस मलिक और सुमीत शौकीन ने किया, जिन्होंने तर्क दिया कि आवेदक/अभियुक्त सुशील कुमार वर्तमान में बिना सहारे के नहीं चल पा रहे हैं और उनके दाहिने घुटने पर वजन है, जिसके कारण ऊपर बताई गई सर्जरी जल्द से जल्द की जानी जरूरी है।
आगे ये बताया गया कि दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की तरफ से आरोपी के लिए दी गई MRI की तारीख 07.01.2024 बताई गई है, जहां उसे सेंट्रल जेल नई दिल्ली से ले जाया गया था और उसी के कारण, आवेदक ने एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल बीएलके मैक्स सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल से राय ली, जहां उन्हें जल्द से जल्द प्रतिष्ठित डॉक्टरों से सर्वोत्तम इलाज मिल सकता है।
अदालत ने आरोपी की याचिका पर जेल अधिकारियों से मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी थी। सुशील कुमार ने चिकित्सा आधार पर 45 दिनों की अंतरिम जमानत मांगी थी और उसी के बाद कुमार की ओर से एक आवेदन दायर किया गया था।
यह कहा गया था कि वह अगस्त, 2016 से ACL के एक एटरोमेडियल बंडल के फटने से पीड़ित हैं और तब से वह चिकित्सकीय रूप से इसका इलाज कर रहे हैं।