'अब तक खर्च हुए 5-6 लाख रुपए...' जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करना पहलवानों को पड़ रहा काफी महंगा, गद्दे, चादर, पंखे और पानी पर लगी इतनी रकम
पहलवानों ने पांच दिनों में गद्दे, चादर, पंखे, स्पीकर, माइक्रोफोन, पानी और खाने के अलावा एक छोटे जनरेटर की व्यवस्था पर पांच लाख रुपए से ज्यादा खर्च किए हैं। उन्होंने शुरुआत में गद्दे, चादर और ‘साउंड सिस्टम’ किराए पर लिए थे, जिसके लिए उन्हें हर दिन 27,000 खर्च करने पड़ रहे थे। पहलवानों ने महसूस किया कि अगर उन्हें लंबे समय तक बैठना पड़ा, तो छोटी-छोटी चीजों की व्यवस्था करना एक बड़ा वित्तीय बोझ बन जाएगा
MoneyControl News
अपडेटेड Apr 28, 2023 पर 8:26 PM
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रैक्टिस करतीं पहलवान विनेश फोगट (PHOTO- PTI)
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जंतर मंतर (Jantar Mantar) पर विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को बुनियादी जरूरतों को पूरा करना काफी महंगा साबित हो रहा है। इस खर्च के बावजूद पहलवान दिल्ली के इस प्रसिद्ध विरोध स्थल पर लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। पहलवानों ने WFI प्रमुख पर यौन उत्पीड़न और धमकाने का आरोप लगाया है।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पहलवानों ने पांच दिनों में गद्दे, चादर, पंखे, स्पीकर, माइक्रोफोन, पानी और खाने के अलावा एक छोटे जनरेटर की व्यवस्था पर पांच लाख रुपए से ज्यादा खर्च किए हैं।
उन्होंने शुरुआत में गद्दे, चादर और ‘साउंड सिस्टम’ किराए पर लिए थे, जिसके लिए उन्हें हर दिन 27,000 खर्च करने पड़ रहे थे। पहलवानों ने महसूस किया कि अगर उन्हें लंबे समय तक बैठना पड़ा, तो छोटी-छोटी चीजों की व्यवस्था करना एक बड़ा वित्तीय बोझ बन जाएगा।
विनेश फोगाट के पति सोमवीर राठी ने PTI से कहा, "इसलिए हमने गद्दे खरीदने का फैसला किया। मैंने अपने गांव खरखौदा से 50,000 रुपए देकर 80 गद्दे खरीदे। हमसे प्रतिदिन गद्दे के लिए 12,000 रुपए प्रतिदिन का किराया लिया जा रहा था। यह बहुत बड़ी रकम है।"
उन्होंने बताया, "शुरू में, हमने स्पीकर और माइक्रोफोन किराए पर लिए थे, लेकिन एक दिन की लागत 12,000 रुपए थी। ये बहुत ज्यादा थी। अब हमने चांदनी चौक बाजार से अपना ‘साउंड सिस्टम’ 60,000 रुपए में खरीदा है। दुकानदार पहलवानों के बारे में जानता था, इस लिए उसने हमें इसे बिना कोई मुनाफा कमाए बेचा।"
पंखे और जेनरेटर अब भी किराये पर हैं। दोनों के लिए उन्हें हर दिन 10,000 रुपए खर्च करने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ी तो हम कूलर खरीद लेंगे। बाहर बहुत गर्मी है। हम अपने साथ दो लाख रुपए कैश लाए थे, लेकिन अब तक लगभग पांच-छह लाख रुपए खर्च कर चुके हैं।"
विनेश, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया इस विरोध का चेहरा हैं। सोमवीर, उनके दोस्त योगेश (भारत केसरी) और कई दूसरे लोग विरोध को जारी रखने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।
'विरोध प्रदर्शन के लिए आना चाहते हैं 80 अखाड़े'
सोमवीर ने कहा, "हमने काम आपस में बांट लिया है। कुछ कोच ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि रसोइयों की तरफ से गुणवत्तापूर्ण भोजन तैयार किया जाये, जबकि युवा पहलवान विरोध स्थल पर खाना पहुंचा रहे हैं। कुछ लोग ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि पानी की सप्लाई निर्बाध हो। किसी को सफाई का ध्यान रखने की जिम्मेदारी दी गई है। यहां तक कि सुरक्षाकर्मी भी हमारी मदद करते हैं।"
सोमवीर इसके साथ ही हरियाणा के अलग-अलग अखाड़ों के प्रतिनिधियों को यहां जंतर-मंतर नहीं आने के लिए मना रहे हैं, क्योंकि ज्यादा भीड़ को संभालना काफी चुनौतीपूर्ण होगा। लगभग 80 अखाड़े यहां आकर विरोध प्रदर्शन में साथ देना चाहते हैं, लेकिन हमने उन्हें यहां आने से रोक दिया है।
सोमवीर से जब पूछा गया कि क्या उन्हें किसी राजनीतिक दल या प्रभावशाली लोगों से आर्थिक मदद नहीं मिल रही है? उन्होंने कहा, "अगर ऐसा होता, तो पहलवानों के सिर पर यहां ‘वाटरप्रूफ शेड’ और कुछ अच्छी सुविधाएं होती, लेकिन हम कम से कम संसाधनों में चीजों का प्रबंधन कर रहे हैं।"
फिलहाल विनेश, साक्षी और बजरंग के परिवार खर्च चला रहे हैं।
उन्होंने कहा, "हम अभी किसी से मदद नहीं ले रहे हैं। हम खुद से चीजों का प्रबंधन कर रहे है। हम बहुत सावधानी से पैसा खर्च कर रहे हैं। जो लोग आ रहे हैं, वे अपने खाने की व्यवस्था खुद कर रहे हैं।"