Wrestlers Protest: दिल्ली पुलिस ने पहलवानों को सौंपी FIR की कॉपी, जंतर-मंतर पहुंचीं प्रियंका गांधी, पढ़ें सभी अपडेट
Wrestlers Protest: दिल्ली पुलिस ने कहा कि वो पहलवानों को सुरक्षा मुहैया कराएगी। बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एक नाबालिग समेत कुल 7 खिलाड़ियों ने शिकायत की है। पुलिस जल्द ही पीड़ितों के बयान दर्ज करेगी। आरोप है कि बृजभूषण शरण सिंह ने ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान महिला पहलवानों का यौन शोषण किया है
जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पहलवान विनेश फोगट, साक्षी मलिक और संगीता फोगट के साथ कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी (PHOTO- PTI)
Wrestlers Protest: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों पर FIR दर्ज कर ली है। शनिवार को पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) और अन्य पहलवान नई दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने पहुंचे थे, जहां उन्हें FIR की एक कॉपी भी सौंपी गई। WFI प्रमुख के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर बैठे पहलवानों के वकील नरेंद्र हुड्डा ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने IPC की धारा 354, 354(A), 354(D) और 34 के तहत एक FIR दर्ज की है। दूसरी FIR की कॉपी हमें उपलब्ध नहीं कराई गई, क्योंकि ये सिर्फ पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि पहलवानों को FIR की एक कॉपी दी गई है। POCSO के तहत दर्ज FIR की कॉपी पहलवानों को नहीं दी जाएगी, क्योंकि ये सिर्फ पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि वो पहलवानों को सुरक्षा मुहैया कराएगी। बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एक नाबालिग समेत कुल 7 खिलाड़ियों ने शिकायत की है। पुलिस जल्द ही पीड़ितों के बयान दर्ज करेगी। आरोप है कि बृजभूषण शरण सिंह ने ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान महिला पहलवानों का यौन शोषण किया है।
इससे पहले टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया (Bajrang Punia) ने दिल्ली पुलिस पर नई दिल्ली के जंतर मंतर में पहलवानों के विरोध स्थल पर बिजली और राशन की सप्लाई काटने का आरोप लगाया था। एक इंस्टाग्राम वीडियो में, उन्होंने सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के हवाले से कहा कि पुलिस "खाने और पानी की अनुमति नहीं देगी, चाहे कुछ भी हो।"
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की समस्या तब शुरू हुई, जब सुप्रीम कोर्ट ने WFI के प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा।
पुनिया ने पुलिस पर विरोध स्थल पर बैरिकेडिंग करने और खाना लेकर आने वाले लोगों की 'पिटाई' करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जब तक न्याय नहीं मिलता, हम विरोध करेंगे चाहे पुलिस प्रशासन हमें कितना भी प्रताड़ित करे।"
पहलवानों से मिलने जंतर-मंतर पहुंचीं प्रियंका गांधी
दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) ने धरने पर बैठे पहलवानों से शनिवार को मुलाकात कर उनके प्रति समर्थन जताया और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक बाहुबली और माफिया के सामने नतमस्तक हो गई है।
उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि सरकार बृजभूषण शरण सिंह को बचा रही है। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि सबसे पहले सिंह को उनके पद से हटाया जाना चाहिए।
प्रियंका कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार के लिए रवाना होने से पहले शनिवार सुबह जंतर-मंतर पहुंचीं। उन्होंने महिला पहलवानों से अलग बातचीत भी की और कुछ देर वहां बैठीं। इस दौरान, राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा भी उनके साथ थे।
प्रियंका ने बाद में एक फेसबुक पोस्ट में कहा, “ये खिलाड़ी हमारा मान हैं। ये देश के लिए पदक जीतती हैं। पूरा देश उनके साथ है। इ्न्हें न्याय मिले-पूरा देश यही चाहता है।”
उन्होंने कहा, “ये किसान परिवारों की बेटियां हैं। ज्यादातर खिलाड़ी मध्यम वर्ग के परिवारों से आते हैं। सबने बहुत संघर्ष किया है, बहुत कुछ सहा है और अपनी मेहनत एवं प्रतिभा से अपने देश और परिवार का नाम रोशन किया है।”
प्रियंका ने जोर देकर कहा, “इस मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। आज हम सबकी जिम्मेदारी है कि इनका दर्द समझें। जो मुख्य बात ये कह रही हैं, उसे समझें। ये बेटियां देश का गौरव हैं। अगर इनकी नहीं सुनेंगे, तो किसकी सुनेंगे। दुनिया के पहलवानों को हराने वाली ये लड़कियां क्या अपने देश में सिस्टम से हार जाएंगी?”
उन्होंने कहा, “ये दूसरी बार धरने पर बैठी हैं। कई खिलाड़ियों ने बोला है, शिकायत की है कि उनके साथ गलत किया जाता है। कम उम्र की बच्चियों के साथ गलत हुआ है। ये बहुत बड़ी बात है। अगर इनके साथ न्याय नहीं हुआ, तो हजारों लड़कियों का हौसला और भरोसा टूट जाएगा।”
कांग्रेस महासचिव ने कहा, “जब ये खिलाड़ी मंच पर चढ़ते हैं, जब ये ओलंपिक के अखाड़े में उतरते हैं, बड़े-बड़े देशों के पहलवानों से (जिन्हें कई बार इनसे अच्छी सुविधाएं मिलती हैं) लड़ते हैं, उन्हें पछाड़ते हैं, तो इनके संघर्ष में, इनकी हार और जीत में पूरा देश इनके साथ खड़ा होता है।”
उन्होंने कहा, “हजारों लड़के और लड़कियां इन्हें देखकर प्रेरणा पाते हैं कि हम भी कर सकते हैं, हम भी करेंगे। मेहनत करेंगे और देश का नाम ऊंचा करेंगे।”
प्रियंका ने सवाल किया, “हमारे ये खिलाड़ी आज सड़क पर हैं। ये लड़कियां आज सड़क पर हैं। इनके साथ गलत किया है एक बड़े नेता ने, एक बड़े पदाधिकारी ने। सरकार तीन महीने से उसे क्यों बचा रही है?”
उन्होंने कहा, “जब ये पदक लाती हैं, तो प्रधानमंत्री इन्हें घर बुलाते हैं, पूरी मीडिया को इवेंट दिखाते हैं, फोटो-सेशन करवाते हैं। कहते हैं विनेश तो मेरे परिवार वाली है। आज विनेश और हमारी ये बेटियां इंसाफ मांग रही हैं, यहां खुले आसमान के नीचे बैठी हैं, मच्छर काट रहे हैं, पुलिस ने बिजली काट दी, तख्त नहीं लगाने दे रहे-आखिर ये कैसी सरकार है, कैसे प्रधानमंत्री हैं कि जिसे अपने परिवार की बताते हैं, उनके सम्मान की, उनकी गरिमा की रक्षा भी नहीं कर सकते हैं।”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, “एक बाहुबली के आगे, माफिया के आगे, आरोपी के आगे, पूरी सरकार नतमस्तक है।”
बृजभूषण सिंह के इस्तीफे की मांग
इससे पहले, प्रियंका ने मीडिया से कहा कि पहले बृजभूषण शरण सिंह को कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पद से हटाया जाए, क्योंकि पद पर रहते हुए वह शक्ति का दुरुपयोग और पहलवानों का करियर बर्बाद करते रहेंगे।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए यह सवाल किया कि सरकार सिंह को बचा क्यों रही है?
एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोई उम्मीद नहीं है।
प्रियंका ने सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि वह सिंह को क्यों बचा रही है? उन्होंने कहा कि देश की सभी महिलाओं को इन महिला पहलवानों के साथ खड़ा होना चाहिए, ताकि कार्रवाई हो।
प्रियंका ने दावा किया कि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज दोनों FIR में क्या है, यह किसी को पता नहीं। उन्होंने सवाल किया कि FIR की प्रति इन पहलवानों के साथ क्यों नहीं साझा की गई?
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया था कि महिला पहलवानों की शिकायत पर कनॉट प्लेस थाने में दो FIR दर्ज की गई हैं।
उन्होंने कहा था कि पहली FIR एक नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित है, जिसके तहत यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम समेत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सिंह पर यौन उत्पीड़न और डराने-धमकाने का आरोप लगाने वाले पहलवानों ने 23 अप्रैल से एक बार फिर अपना आंदोलन शुरू किया। इससे पहले, उन्होंने जनवरी में धरना दिया था।