भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ देश के कई बड़े पहलवान प्रदर्शन (Wrestlers Protest) करने पर उतर आए हैं। टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक (Bronze Medal) विजेता बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) और विश्व चैम्पियनशिप (World Championship) पदक विजेता विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) समेत देश के शीर्ष पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के 'तानाशाही रवैये' के खिलाफ बुधवार को धरने पर बैठ गए।
पहलवानों ने अपनी शिकायतों या मांगों के बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन ये साफ था कि वे WFI अध्यक्ष और कैसरगंज से BJP सांसद सिंह के रवैये से आजिज आ चुके हैं। साथ ही खिलाड़ियों ने ये भी बताया कि वे दोपहर करीब 3 या 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और अपनी बात रखेंगे।
बजरंग, विनेश, रियो ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता सरिता मोर, संगीता फोगाट, सत्यव्रत मलिक, जितेंद्र किन्हा और राष्ट्रमंडल खेल (Commanwealth Games) पदक विजेता सुमित मलिक जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे 30 पहलवानों में शामिल हैं।
PTI के मुताबिक, बजरंग ने कहा , "हमारी लड़ाई सरकार या भारतीय खेल प्राधिकरण के खिलाफ नहीं है । हम WFI के खिलाफ है। हम आज इसका ब्यौरा देंगे। ये तो अब आर-पार की लड़ाई है।"
पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि खिलाड़ी अब तानाशाही नहीं सहेंगे। कई दिनों से खिलाड़ियों को दबाया जा रहा था। हम 3-4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हमारी बात रखेंगे। हमारी लड़ाई सरकार से नहीं है, बल्कि फेडरेशन से है।
बजरंग का सहयोगी स्टाफ भी धरने पर बैठा है, जिसमें उनके कोच सुजीत मान और फिजियो आनंद दुबे शामिल हैं। एक दूसरे पहलवान ने कहा , "तानाशाही नहीं चलेगी।"
सिंह 2011 से WFI अध्यक्ष हैं और फरवरी 2019 में लगातार तीसरी बार चुने गए ।
साक्षी ने ट्वीट किया , "खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतने की भरसक कोशिश करते हैं, लेकिन महासंघ ने हमें नीचा दिखाने के सिवाय कुछ नहीं किया। खिलाड़ियों को परेशान करने के लिए एकतरफा नियम बनाये जा रहे हैं।"
अंशु मलिक, संगीता फोगाट और दूसरे कई पहलवानों ने भी हैशटैग बायकॉट डब्ल्यूएफआई (#BoycottWFI) अध्यक्ष ट्वीट करके PMO, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को टैग किया है ।
वहीं रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के सहायक सचिव विनोद तोमर खिलाड़ियों से बातचीत करने धरना स्थल पर पहुंचे। तोमर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमें प्रदर्शन की जानकारी मिली, जिसके बाद मैं पहलवानों से पूछने आया हूं कि उन्हें क्या समस्या है। ये लोग एक बार फेडरेशन के सामने आएं, उसके बाद इनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। फेडरेशन के पास अभी तक इनके की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है।"